अनूपपुर के रंजीत सिंह ने राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक, जिले का बढ़ाया मान; अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर करेंगे उच्च प्रदर्शन
अखण्ड प्रताप सिंह की रिपोर्ट
अनूपपुर। मैदान में जब मेहनत पसीने के रूप में बहती है, तो कामयाबी पदक बनकर सामने आती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है अनूपपुर के होनहार खिलाड़ी रंजीत सिंह ने। भारत ज्योति विद्यालय के कक्षा 12वीं के छात्र रंजीत ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 28.55 मीटर चक्का फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और जिले को गौरवान्वित किया। रंजीत की इस उपलब्धि के पीछे दो वर्षों का कठिन परिश्रम, अनुशासन और खेल के प्रति उनका समर्पण है। उनकी सफलता से परिवार, विद्यालय और खेल जगत में खुशी का माहौल है।
दो साल के संघर्ष के बाद मिली सफलता
रंजीत सिंह की यह उपलब्धि एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि लगातार दो वर्षों तक किए गए अभ्यास और संघर्ष की कहानी है। खेल के मैदान में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उन्होंने निरंतर मेहनत की और अपनी प्रतिभा को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आखिरकार शिवपुरी में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 28.55 मीटर चक्का फेंककर उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। रंजीत की इस सफलता ने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं, तो कठिन से कठिन चुनौती को भी पार किया जा सकता है।
चाचा ने संघर्ष और मेहनत को बताया सफलता
की वजह रंजीत की इस उपलब्धि में उनके परिवार का सहयोग और प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण रहा है। उनके चाचा ने रंजीत की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उनके संघर्ष, लगन और खेल के प्रति समर्पण को रेखांकित किया। परिवार के लिए यह उपलब्धि गर्व का क्षण है। रंजीत की सफलता ने यह उम्मीद भी जगाई है कि उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर जिले के ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने जताया गर्व
भारत ज्योति विद्यालय के कक्षा 12वीं के छात्र रंजीत सिंह की उपलब्धि से विद्यालय परिवार भी गौरवान्वित है। विद्यालय के फादर ने रंजीत की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनकी उपलब्धि को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया। पढ़ाई के साथ खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना रंजीत की मेहनत और समर्पण को दर्शाता है।
विद्यालय प्रबंधन को उम्मीद है कि रंजीत भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करते हुए विद्यालय और जिले का नाम रोशन करेंगे।
पीटीआई शिक्षक के मार्गदर्शन में निखरी प्रतिभा
किसी भी खिलाड़ी की सफलता में उसके अभ्यास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन की अहम भूमिका होती है। रंजीत की इस उपलब्धि में उनके पीटीआई शिक्षक की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। खेल की तकनीक, नियमित अभ्यास और प्रतियोगिता के लिए तैयारी खिलाड़ी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करती है। रंजीत के पीटीआई शिक्षक ने उनकी मेहनत और खेल के प्रति लगन पर अपनी बात रखी। उनके प्रदर्शन से यह भी स्पष्ट होता है कि विद्यालय स्तर पर खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिले, तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
जिला खेल प्रभारी जिनके मार्गदर्शन में रंजीत ने उत्तम प्रदर्शन किया उन्होंने भी की सराहना और आगामी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के लिए बधाईयां और शुभकामनाएं दी,और स्कूल प्रबंधन की भी सराहना की ।
अब राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की तैयारी
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब रंजीत सिंह की नजर राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने पर है। उनकी आगामी राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भागीदारी को लेकर परिवार, विद्यालय और खेल प्रेमियों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। रंजीत का अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना और अनूपपुर जिले के साथ पूरे शहडोल संभाग का नाम रोशन करना होगा। राज्य स्तर पर मिली यह सफलता उनके खेल करियर के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।
युवा खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणा
रंजीत सिंह की उपलब्धि केवल एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले के दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है। उनकी कहानी बताती है कि सफलता के लिए प्रतिभा के साथ मेहनत, अनुशासन, नियमित अभ्यास और परिवार व शिक्षकों का सहयोग भी जरूरी है।अनूपपुर जैसे जिले से निकलकर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना इस बात का संकेत है कि यहां भी खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत है तो केवल उन्हें सही मंच, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर देने की। अब सभी की निगाहें रंजीत के आगामी राष्ट्रीय प्रदर्शन पर टिकी हैं। उम्मीद है कि दो वर्षों की मेहनत से सफलता हासिल करने वाला यह खिलाड़ी आगे भी नए मुकाम छुएगा और अपनी उपलब्धियों से अनूपपुर को गौरवान्वित करेगा।