बछरवारा में खनिज विभाग की रातभर दबिश, शासकीय जमीन पर डंप 200 घन मीटर रेत जब्त तीन दिन की निगरानी और ग्रामीणों से मिले इनपुट के बाद कार्रवाई, जेसीबी-हाइवा से हटवाई गई रेत; शासन के पक्ष में राजसात करने की तैयारी
बछरवारा में खनिज विभाग की रातभर दबिश, शासकीय जमीन पर डंप 200 घन मीटर रेत जब्त
तीन दिन की निगरानी और ग्रामीणों से मिले इनपुट के बाद कार्रवाई, जेसीबी-हाइवा से हटवाई गई रेत; शासन के पक्ष में राजसात करने की तैयारी
कटनी। जिले में रेत के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग ने ग्राम बछरवारा में देर रात कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर डंप लगभग 200 घन मीटर ताजी रेत जब्त की है। मुख्य सड़क किनारे बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण मिलने के बाद विभागीय टीम ने जेसीबी और हाइवा की मदद से रेत हटवाई और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया। कार्रवाई कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर की गई।
तीन दिन तक निगरानी, फिर रात में कार्रवाई
खनिज विभाग की टास्क फोर्स पिछले तीन दिनों से गुड़ादेवरी, खरहटा और आसपास के नदी घाटों के साथ रेत परिवहन के संभावित मार्गों पर निगरानी कर रही थी। इसी दौरान ग्रामीणों से मिली सूचना और विभागीय सूचना तंत्र से प्राप्त इनपुट के आधार पर बछरवारा में मुख्य सड़क किनारे शासकीय भूमि पर ताजी रेत डंप होने की जानकारी मिली। सूचना की पुष्टि के बाद खनिज अमला मौके पर पहुंचा, जहां लगभग 200 घन मीटर रेत का भंडारण पाया गया।
जेसीबी-हाइवा से हटवाई गई रेत
कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग की टीम ने जेसीबी और हाइवा वाहनों की मदद से रेत हटवाई। विभागीय जानकारी के अनुसार, जब्त की गई लगभग 200 घन मीटर रेत को जेके सीमेंट फैक्ट्री परिसर में सुरक्षित अभिरक्षा और सुपुर्दगी में रखवाया गया। शेष रेत को मौके पर ही नष्ट कराने की कार्रवाई भी की गई, ताकि वहां अवैध भंडारण की स्थिति समाप्त की जा सके।
राजसात की कार्रवाई होगी
उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित ने बताया कि जब्त रेत को शासन के पक्ष में राजसात करने की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। अवैध उत्खनन और भंडारण से संबंधित मामलों में निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशानुसार खनिज विभाग ने अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर निगरानी जारी रखने की बात कही है। अब इस कार्रवाई के बाद यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच में अवैध भंडारण के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शासकीय भूमि पर प्राकृतिक संसाधनों का अनधिकृत भंडारण रोकने के लिए विभाग की निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।