कनक पैलेस के कमरे में मिला ग्रामीण बैंक के टीम लीडर का शव, गले पर तार जैसे निशान से गहराया मौत का रहस्य शुक्रवार रात परिजनों से हुई थी आखिरी बातचीत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
कनक पैलेस के कमरे में मिला ग्रामीण बैंक के टीम लीडर का शव, गले पर तार जैसे निशान से गहराया मौत का रहस्य
शुक्रवार रात परिजनों से हुई थी आखिरी बातचीत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
कटनी। एनकेजे थाना क्षेत्र के खिरहनी स्थित दुर्गा चौक के कनक पैलेस में एक 36 वर्षीय बैंक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। होटल के कमरा नंबर-7 में अनिल पटेल का शव मिलने के बाद मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। मृतक के गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर तार जैसे निशान मिलने की बात सामने आई है। इन परिस्थितियों के बीच परिजनों ने अनिल की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल मौत की असल वजह स्पष्ट नहीं है और पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
शुक्रवार रात हुई थी परिजनों से बात, फिर क्या हुआ
जानकारी के अनुसार, मृतक अनिल पटेल (36), पिता रमेश पटेल, मूल रूप से सागर जिले के शास्त्री वार्ड के निवासी थे। वह कटनी में माई नदी के पास संचालित उत्कृष्ट ग्रामीण बैंक में टीम लीडर के पद पर कार्यरत थे और खिरहनी के दुर्गा चौक स्थित कनक पैलेस में किराये से रह रहे थे। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार रात अनिल से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। इसके बाद कमरे में उनका शव मिलने की खबर सामने आई। सामान्य बातचीत के बाद ऐसी कौन-सी परिस्थिति बनी कि अनिल की मौत हो गई, यह फिलहाल जांच का विषय है। घटना से जुड़े घटनाक्रम, कमरे की परिस्थितियों और मृतक की आखिरी गतिविधियों की पड़ताल से ही इस सवाल का जवाब मिल सकेगा।
गले और शरीर पर निशान, परिजनों को हत्या की आशंका
मृतक के गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर तार जैसे निशान मिलने की जानकारी सामने आने के बाद परिजनों ने मौत को लेकर संदेह जताया है। उनका कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनिल की मौत किन परिस्थितियों में हुई। हालांकि, शरीर पर मिले निशानों की प्रकृति और उनका मौत से कोई संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही इन निशानों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप
परिजनों ने यह आरोप भी लगाया है कि अनिल अपने वरिष्ठ अधिकारियों से मानसिक रूप से परेशान थे। इस आरोप ने मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू जोड़ दिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि क्या अनिल किसी कार्यस्थल संबंधी दबाव से गुजर रहे थे और यदि ऐसा था, तो उसका उनकी परिस्थितियों से कोई संबंध था या नहीं। इस संबंध में मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, संदेशों और बैंक में कार्यस्थल से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, अभी तक मानसिक प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
सूचना मिलने के बाद एनकेजे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल स्थित पीएम हाउस लाया गया और परिजनों को सूचना दी गई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए जाने वाले साक्ष्य, कमरे की परिस्थितियां और मृतक की अंतिम बातचीत सहित कई बिंदु जांच के केंद्र में रहेंगे। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अनिल पटेल की मौत किन परिस्थितियों में हुई क्या यह किसी दुर्घटना या अन्य कारण का परिणाम है, या इसके पीछे कोई आपराधिक घटना है। फिलहाल इन संभावनाओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।