दीपावली से पहले कोतमा में जुए के फड़ का कथित खेल, खुले मैदान में चटाई बिछाकर दांव पर लग रहे नोट,कोतमा में कथित जुआ फड़ का वीडियो वायरल,मंत्री संरक्षण का झूठा दावा …

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अनूपपुर। दीपावली करीब है, ताश के पत्ते बिछने लगे हैं, नोटों पर दांव लगने लगे हैं ,और सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। अनूपपुर जिले के कोतमा में खुले मैदान में कथित तौर पर जुए का फड़ सजने का वीडियो वायरल है। दावा है कि चटाई बिछाकर खुलेआम लाखों के दांव लगाए जा रहे हैं। चर्चा जिले की एक नगर पालिका के पार्षद बताए जा रहे दीपू भैया और कथित नेता पुष्पेंद्र के नामों की भी है। इतना ही नहीं, एक मंत्री का संरक्षण मिलने की बात कहे जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। लेकिन सवाल है। क्या वाकई किसी नेता के संरक्षण में जुए का खेल चल रहा है, या फिर संरक्षण के नाम पर राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है। क्या पुलिस को इस कथित फड़ की भनक नहीं, या फिर जान कर अंजान बनी है ।

दीपावली नजदीक आते ही जुए के अवैध कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र में खुले मैदान में कथित तौर पर जुआ खेले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खुले आसमान के नीचे चटाई बिछाकर ताश के पत्तों के बीच पैसों का दांव लगाए जाने का दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इस मामले ने पुलिस की निगरानी और जुए के अवैध फड़ों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खुले मैदान में कथित जुए का फड़, बेखौफ होकर लग रहे दांव

वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि कोतमा थाना क्षेत्र में खुले मैदान में कथित तौर पर जुए का फड़ संचालित हो रहा है। दीपावली के पहले इस तरह की गतिविधियों के सामने आने से कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो कब का है और इसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

पार्षद और पूर्व मंडल अध्यक्ष के नाम चर्चा में

इस मामले में जिले के एक नगर पालिका के पार्षद दीपू भैया और कथित पूर्व नेता पुष्पेंद्र के नाम सामने आने के दावे किए जा रहे हैं। आरोप है कि उनके संरक्षण में जुए का खेल संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।

बड़े नेता के संरक्षण का दावा, जांच की मांग

मामले में एक बड़े भाजपा नेता का संरक्षण मिलने की बात कहे जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। सवाल यह है कि क्या वास्तव में किसी राजनीतिक संरक्षण में जुए का फड़ संचालित हो रहा है या फिर किसी नेता का नाम लेकर उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इन तमाम सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा…

पुलिस की निगरानी पर उठे सवाल

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या पुलिस को इस कथित जुए के फड़ की जानकारी थी, यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और यदि जानकारी नहीं थी, तो खुले मैदान में कथित तौर पर चल रही इस गतिविधि पर निगरानी क्यों नहीं रखी गई…

फिलहाल, वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में पुलिस की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का जवाब बेहद अहम है। अब देखना होगा कि कोतमा पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और कथित जुए के फड़ पर कार्यवाही करती है या फिर पहले की तहर इस जुए के कारोबार पर मैनेजमेंट का खेल खेलती है…

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