शासन द्वारा सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय TET परीक्षा आयोजित करने की सहमति पर आलोक शुक्ला ने जताया आभार*

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*रायपुर।* छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी (TET) परीक्षा आयोजित कराने की सहमति प्रदान किए जाने पर *छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला* ने शासन का आभार व्यक्त किया है।

 

आलोक शुक्ला ने कहा कि आज दिनांक *21-10-2026 को क्रमांक ESTB-1/4033/2026/20-3* द्वारा जारी आदेश में शासन ने स्पष्ट किया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सिविल अपील नंबर 1385/2025 में पारित निर्णय दिनांक 01.09.2025 एवं 29.05.2026 के परिपालन में कक्षा 01 से 08 तक के समस्त ऐसे सेवारत शिक्षक जिनकी सेवा अवधि 05 वर्ष या अधिक शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने हेतु TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देशित किया है कि गैर TET शिक्षकों के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम 02 बार विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाए। इसी के तहत छत्तीसगढ़ शासन ने लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव दिनांक 24.09.2026 पर सहमति प्रदान की है।

 

*आदेश की मुख्य बातें:*

 

*1.* CGSSB द्वारा आयोजित परीक्षा के अतिरिक्त निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से *Computer Based Test (CBT)* मोड में TET का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा एक से अधिक पालियों में होगी।

 

*2.* उक्त परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को *SCERT रायपुर* से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

 

*3.* शासन ने निर्देश दिया है कि वर्ष में न्यूनतम 02 बार निजी कंपनी के माध्यम से CBT परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। यह आदेश समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा अनुमोदित है।

 

आलोक शुक्ला ने कहा कि यह निर्णय हजारों सेवारत शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक है। इससे शिक्षकों को विभागीय परीक्षा के माध्यम से अपनी सेवा को सुरक्षित रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी, स्कूल शिक्षा मंत्री जी एवं स्कूल शिक्षा विभाग का हृदय से आभार जताया।

 

 

> *बड़ी खबर: सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय TET को शासन की हरी झंडी*

 

> छत्तीसगढ़ शासन ने आज 21 अक्टूबर को आदेश जारी कर सेवारत गैर-TET शिक्षकों के लिए साल में 2 बार CBT मोड में विभागीय TET परीक्षा आयोजित करने की सहमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद SCERT द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

> इस ऐतिहासिक निर्णय पर *आलोक शुक्ला* ने शासन एवं माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया।

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