13 साल की उम्र में किताब लिखकर छाई शहडोल की रितिका, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली बुलाकर की मुलाकात,पुस्तक की जमकर की सराहना
शहडोल। उम्र महज 13 साल, लेकिन सपने और प्रतिभा किसी मंजे हुए लेखक से कम नहीं,शहडोल की होनहार बेटी रितिका सिंघई ने अपनी लेखनी से ऐसी पहचान बनाई है कि उनकी प्रतिभा की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई चर्चित पुस्तक द सिंधिया कम्पेंडियम की लेखिका रितिका को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में आमंत्रित किया, 29 अक्टूबर को हुई इस खास मुलाकात में रितिका ने उन्हें अपनी स्वयं लिखित पुस्तक भेंट की…
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रितिका की पुस्तक का अवलोकन किया और उसकी विषयवस्तु की मुक्तकंठ से सराहना की। इस दौरान उन्होंने पुस्तक से जुड़े कई सवाल भी पूछे। महज 13 वर्ष की उम्र में इतना महत्वपूर्ण लेखन करने वाली रितिका की बौद्धिक क्षमता और हाजिरजवाबी से सिंधिया काफी प्रभावित नजर आए, बातचीत के दौरान उन्होंने रितिका को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जय विलास पैलेस उनका दूसरा घर है और जब भी इच्छा हो, वह वहां आ सकती हैं। उन्होंने रितिका को भविष्य में भी संपर्क बनाए रखने के लिए प्रेरित किया…
रितिका शहडोल के पुराने गांधी चौक निवासी राकेश एवं सुषमा सिंघई की सुपौत्री तथा राहुल एवं रीना सिंघई की सुपुत्री हैं। वह वर्तमान में ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल शहडोल में कक्षा आठवीं की छात्रा हैं।
इस विशेष अवसर पर उनके नाना एवं मध्यप्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष तथा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी, मामा रोहित जैन और मौसा निखिल जैन भी मौजूद रहे।
रितिका की इस उपलब्धि से उनके परिवार, जैन समाज और पूरे शहडोल जिले में खुशी का माहौल है। छोटी-सी उम्र में पुस्तक लेखन और केंद्रीय मंत्री से मिली सराहना ने रितिका को जिले की उभरती प्रतिभाओं में एक खास पहचान दिलाई है। उनकी यह उपलब्धि दूसरे बच्चों के लिए भी पढ़ने, लिखने और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा बन सकती है।