सुप्रीम कोर्ट से धनलक्ष्मी कंपनी को बड़ी राहत, कटनी में फिर शुरू होगा रेत का वैध उत्खनन दीपावली के पहले खदानों में काम शुरू होने की उम्मीद, जिला स्तर पर प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट से धनलक्ष्मी कंपनी को बड़ी राहत, कटनी में फिर शुरू होगा रेत का वैध उत्खनन
दीपावली के पहले खदानों में काम शुरू होने की उम्मीद, जिला स्तर पर प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी
कटनी। जिले में रेत उत्खनन का कारोबार एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट से धनलक्ष्मी कंपनी के पक्ष में फैसला आने के बाद कटनी की रेत खदानों में वैध उत्खनन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि कंपनी जल्द ही आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर खदानों में दोबारा काम शुरू कर सकती है। दीपावली के पहले रेत उत्खनन प्रारंभ होने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, दिसंबर 2025 में राज्य सरकार ने पुराने और नए टेंडर के बीच राजस्व अंतर सहित अन्य कारणों का हवाला देते हुए धनलक्ष्मी कंपनी का लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) निरस्त कर दिया था। सरकार के इस निर्णय से जिले में रेत उत्खनन की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी। इसके बाद कंपनी ने शासन के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के निर्णय को उचित ठहराते हुए कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी।
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद धनलक्ष्मी कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला कंपनी के पक्ष में आने से उसे बड़ी राहत मिली है। इस फैसले के बाद जिले में रेत उत्खनन दोबारा शुरू होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
अवैध उत्खनन पर लगेगी रोक, राजस्व में भी होगा इजाफा
रेत का ठेका निरस्त होने के बाद महानदी के विभिन्न घाटों पर अवैध उत्खनन की गतिविधियां बढ़ने की शिकायतें सामने आने लगी थीं। इस दौरान पुलिस और खनिज विभाग ने समय-समय पर कार्रवाई कर अवैध उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने का प्रयास किया। वैध खनन प्रक्रिया दोबारा शुरू होने से जहां अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है, वहीं शासन को राजस्व मिलने का रास्ता भी प्रशस्त हो सकता है।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला स्तर पर भी आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने की तैयारी की जा रही है।