कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में मनाया बाल दिवस
सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित मेले का हुआ आयोजन
(शुभम तिवारी+91 78793 08359)
घुनघुटी। कस्तूरबा गाँधी बालिका छात्रावास में गुरुवार को बाल दिवस मनाया गया, विद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जयंती बाल दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। सुबह से ही विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम व खेलकूद प्रतियोगिता की धूम रही। इस अवसर पर छात्रावास के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया इस आयोजन में बच्चों ने मधुर गीत-संगीत की प्रस्तुति के साथ-साथ सांस्कृतिक नृत्य की भी मनमोहक प्रस्तुति दी।
बीआरसी ने किया शुभारंभ
ब्लॉक समन्वयक महेंद्र मिश्रा ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपप्रज्जवलन के साथ किया और पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के व्यक्तित्त्व पर प्रकाश डाला साथ बाल दिवस क्यों मनाया जाता है बच्चो को बताया कि प्रत्येक बच्चे को प्राथमिक शिक्षा का अधिकार है। हमारे संविधान ने बच्चों के लिए विभिन्न अधिकार तय किए गए हैं जिसके लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू ने काफी काम किया था। उन्हें बच्चों से बहुत प्यार था और वह बच्चों को राष्ट्र का भविष्य मानते थे। नेहरू ने भारत को स्वतंत्र बनाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
चाचा नेहरू के जीवन पर डाला प्रकाश
बच्चों के बौद्धिक विकास के उद्देश्य से बालमेला किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया गया। आयोजित कार्यक्रम में अधीक्षिका श्रीमती लक्ष्मी पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि पं. नेहरू आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने पंचशील सिद्धांतों को लागू कर विश्व में अमन, शांती, सद्भाव स्थापित करने में योगदान दिया और आजाद भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देकर बच्चों को संस्कारी विकास का मंत्र दिया। पं. नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 को हुआ और हम उनकी जयंती बालदिवस के रूप में मनाते आ रहे है। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार के साथ अच्छा आचरण कर राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिये।
लगाये गये स्टॉल
बाल दिवस के अवसर पर छात्रावास की विशेष साज़ सज्जा की और बाल मेला का आयोजन किया, मेले में विभिन्न प्रकार के स्टॉल चाट, फुलकी, समोसा आदि शामिल रहे । इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चो के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, इस अवसर पर लगाए गए मेले के दौरान लोगों ने स्टालों पर पहुंच कर व्यंजनों को लुत्फ उठाया। स्कूल में आयोजित बाल मेले मे बच्चों ने लगाए गए स्टालों पर खानपान का आनंद लिया।