आधी रात को गोयनका और दीपक ने कहा-हाँ, हम करते हैं रेत का अवैध कारोबार-कौन रोकेगा..??

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(शुभम कोरी)
अनूपपुर। बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, इस वीडियो में जिले के कोतमा मुख्यालय में रहने वाले दो पहिया वाहन के शोरूम के संचालक मनीष गोयनका और विवादित शिक्षक दीपक तिवारी नजर आते हैं,इसके साथ ही दर्जनों अन्य लोग जिनमे भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष दीपेश जैन भी नजर आ रहे हैं, वायरल वीडियो में दर्जनों लोग एक रेत की ट्रैक्टर के आसपास किसी बात को लेकर विवाद करते नजर आ रहे हैं, इससे ऐसा प्रतीत होता है कि, संभवत आधी रात को कुछ लोगों ने अवैध रेत से लदी ट्रैक्टर को परिवहन करते हुए रोका, उस से मालिक का नाम पूछा तो यह बात सामने आई कि यह ट्रैक्टर मनीष गोयनका का है, जिसे दीपक तिवारी और मनीष दोनों मिलकर चलवा रहे थे।

ट्रैक्टर चालक तथा युमो के नेता दीपेश के मार्फत यह खबर मोबाइल से गोयनका तक पहुंचती है, और थोड़ी ही देर में दोनों वायरल वीडियो में ही एक सफेद रंग की एक्टिवा पर वहां पहुंचते हैं ,वहां पहुंचते ही दोनों इस बात को लेकर हल्ला करने लगते हैं, कि किसकी हिम्मत हो गई,जो ट्रैक्टर को रोका, कुछ लोग सामने आते हैं काफी लोगों की आवाजों के बीच मूल बात क्या होती है,यह तो खो जाती है, लेकिन पैरिचुआ में पदस्थ शाषकीय शिक्षक दीपक तिवारी बार-बार यह कहते हुए नजर आते हैं.कि….. मेरी ट्रैक्टर है, मैं रेत का अवैध कारोबार करता हूं …देखते हैं कौन रोकता है…. आसपास खड़े लोग दोनों की गीदड़ भभकी से सहम जाते हैं….. और दोनों के आदेश पर ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर को स्टार्ट कर आगे निकल जाता है।

सोशल मीडिया में यह वीडियो इन दिनों जमकर वायरल हो रहा है ,इस वीडियो का सच क्या है यह तो तथाकथित दोनों लोग और वहां खड़े दर्जनों लोग ही जाने, लेकिन इस बार वीडियो से यह बात तो साफ हो ही जाती है कि जब जिले में खासकर कोतमा क्षेत्र में इन दिनों रेत का वैध उत्खनन विभाग द्वारा कहीं भी नहीं करवाया जा रहा है, ऐसी स्थिति में आधी रात को रेत ट्रैक्टर में रेत कहां से लोड हो गई और कहां जा रही थी, यह बात भी साफ है कि यदि केवई नदी से रेत ला रही ट्रैक्टर में रेत की वैध ईटीपी होती और वह वैध होती तो यह काम तो दिन के उजाले में भी किया जा सकता था,उसके लिए आधी रात का इंतजार क्यों किया जाता…!!!


कोरोना काल तथा अनूपपुर में बृजेश गौतम के भारतीय जनता पार्टी का जिला अध्यक्ष बनने के बाद ही अचानक मनीष गोयनका सुर्खियों में रहने लगे हैं, बृजेश और मनीष की दोस्ती किसी से छुपी नहीं है, यह भी माना जाता है कि मनीष- बृजेश का एटीएम है और आने वाले दिनों में यदि बृजेश गौतम भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने रहे, तो कोतमा नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए मनीष की दावेदारी बृजेश की तरफ से रहेगी, लॉकडाउन के दौरान बृजेश और मनीष की फोटो लगे वाहनों से पूरे शहर को सैनिटाइज करना और बड़े-बड़े फ्लेक्स लगाकर खाद्यान्न व भोजन वितरण में लाखों का खर्च उसी तैयारी का एक हिस्सा व कुर्सी के लिये इन्वेस्टमेंट माना जा रहा है, हालांकि राजनीति में तो सब जायज है और मनीष गोयनका यदि भविष्य में नगर पालिका कोतमा या फिर विधानसभा कोतमा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें गलत भी नहीं है,यह हक और महत्वकांक्षा हर आम आदमी की हो सकती है।


वायरल वीडियो में दूसरा चेहरा दीपक तिवारी का है दीपक तिवारी शासकीय शिक्षक है और ग्राम पैरिचुआ में स्थित शाषकीय विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य भी हैं, दीपक तिवारी के संदर्भ में कोतमा में यह भी चर्चा है कि इन दिनों उन्होंने स्थानीय शराब ठेकेदार के लिए मैनेजर का पद आफ रिकार्ड संभाला हुआ है और उन्हें ₹15000 वेतन भी दिया जा रहा है, इसमें कितनी सच्चाई है यह तो शराब ठेकेदार और कथित शिक्षक ही जाने…. एक चर्चा और भी है कि वे लंबे अरसे से यहां रेत का अवैध कारोबार भी करते हैं ,सवाल ये उठता है कि जब समाज को दिशा देने वाले शिक्षक शराब और रेत के अवैध कारोबार में संलग्न होकर आधी रात को खुद इस बात का दावा करेंगे कि हां मैं रेत का अवैध कारोबार करता हूं, जिसे रोकना हो रोक ले ऐसी स्थिति में समाज किस दिशा की ओर जाएगा, इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस के साथ ही शिक्षा विभाग भी कटघरे में नजर आता है,शिक्षा विभाग को दीपक तिवारी के क्रियाकलापों की जांच करनी चाहिए , खासकर इस वीडियो के संदर्भ में भी, साथ ही वह विद्यालय जाता भी है या फिर मनीष और बृजेश गौतम के संबंधों का बेजा फायदा उठाकर अपने ही विभाग के अधिकारियों पर रौब दिखा कर मुफ्त की तनख्वा उठा रहा है।

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