कमिश्नर एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में अभिनव पहल “सफलता की कहानी”
राकेश सिंह
शहडोल । श्री नंदकुमार यादव, सहायक शिक्षक प्राथमिक विद्यालय उधिया ने अपने स्वयं अपना लभगत 1 लाख 86 हजार रूपये की राशि से अपने विद्यालय के साफ-सफाई एवं स्वच्छता प्रबंधन, वृक्षारोपण, शौचालय निर्माण, नल कनेक्शन, बच्चो के बैठने के लिये टेबिल कुर्सी एवं भोजन के लिये डाइनिंग टेंबिल की भी व्यवस्था की। श्री यादव ने ओपीएम अमलई एवं अन्य दानदाताओं से व्यक्तिगत सम्पर्क कर उनसे प्राथमिक विद्यालय उधिया के विकास एवं प्रबंधन हेतु राशि एवं लड़को के बैठने के लिये 75 बैचं आदि प्राप्त कर स्कूल को हमारा घर हमारा विद्यालय के माड़ल रूप विकसित करने हेतु तन मन से प्रयास किया। श्री नंदकुमार यादव ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय उधिया मे बच्चों के खेलने का मैदान को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया गया, बच्चों को एक साथ बैठ कर खाना खाने के लिये डाइनटेबिल, आफिस में नया दरवाजा, बच्चों को स्वयेटर वितरण, स्कूल में नल पाईप फीटिंग, स्कूल में स्वच्छ हवां एवं वातारण हेतु 40 गमले रखे गए तथा सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है।
उनके इस कार्य उत्कृष्ट कार्य के लिये गत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और कहा कि शिक्षक श्री नंदकुमार यादव का यह प्रयास जिले में सभी स्कूलों के शिक्षकों के लिये रोल मॉड़ल है और सभी को इसका अनुसरण करना चाहिए। डीपीसी डॉ. मदन त्रिपाठी ने बताया है कि कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह के मार्गदर्षन एवं निर्देशन में जिले के अन्य 100 स्कूलों में भी इसी प्रकार अपना घर अपना विद्यालय के तर्ज पर ज्ञान की मंदिर को साफ-सुथरा एवं स्वच्छ बनाया जाएगा। शिक्षा के मंदिर को ज्ञान का स्त्रोत माना जाता है, शिक्षक और शिक्षा तथा छात्र जब एक होकर स्वच्छ एंव सुदर वातावरण में ज्ञान का आदान-प्रदान करेगें तभी ज्ञान की ज्योति प्रज्जवलित होगी।