पढ़ाई के नाम पर मौत परोसने की तैयारी!

कहां की है यह नीति, प्रशासन ने कैसे दे दी मंजूरी
शहडोल। बुढ़ार मार्ग में लगातार सड़क दुर्घटना में कई लोगों की जान रोज जा रही है जिसे रोक पाने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं, वहीं अब बच्चों को पढ़ाई करने के लिए रोड पार करके जाना पड़ेगा, जब पूरा गांव इस तरफ़ बसा हुआ है तो रोड पार करके स्कूल क्यों बनाई जा रही है। शहडोल जिले के ग्राम लालपुर में ट्राइबल विभाग के द्वारा हायर सेकेंडरी स्कूल की बिल्डिंग बनाई जा रही है जिसकी लागत डेढ़ करोड़ के लगभग है। स्थानीय ठेकेदार के द्वारा यह कार्य कराया जा रहा है, जिसमें गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है, संबंधित विभाग के इंजीनियर भी मौके पर उपस्थित नहीं रहते हैं। स्थानीय नेता के द्वारा ठेकेदार के साथ सांठगांठ करके मनचाहे तरीके से निर्माण कार्य कराया जा रहा हैं।
बरसों से लगता था सप्ताहिक बाजार
ग्रामीणों के आरोपों को दरकिनार करते हुए नेतागिरी के दम पर अपनी मनमर्जी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर बिल्डिंग बन रही है वहां सप्ताहिक बाजार विगत कई वर्षों से लगता रहा है, इस बिल्डिंग के बन जाने से सप्ताहिक बाजार के लिए कोई भी जगह नहीं बची है छात्रों के जान माल के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीण बच्चों को शिक्षा अध्ययन करने के लिए एनएच 43 को क्रास करके आना पड़ेगा जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है? वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि बिल्डिंग बनाने के लिए जो बोर कराया गया था वह पूरी तरीके से ध्वस्त हो गया। हाल ही में दूसरा बोर कराया गया है परंतु अभी तक बने बिल्डिंग में पानी की कमी होने के कारण बिल्डिंग की स्थिति जर्जर बताई जा रही है।
इनका कहना है
एसडीओ एवं इंजीनियर रोजाना निरीक्षण करने आते हैं।
कौशल मिश्रा
सिविल कांट्रैक्टर ,शहडोल