सरकारी नाले को पाटने में लगे अतिक्रमणकारी

शहडोल। एक ओर जिला प्रशासन करोड़ों की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर शासकीय रकबे में ले रहा है, वहीं कुछ अतिक्रमणकारी अब सरकारी नाले को ही पाटने की जुगत में लगे हुए हैं प्रशासन की ऐतिहासिक कार्यवाही में तथाकथित के हौसले फिर बुलंद होते नजर आ रहे हैं।
मामला सर्किट हाउस के पीछे पुराना वार्ड क्रमांक 15 का बताया जा रहा है यहां बसे रिहायशी इलाकों से बारिश के समय इक्ट्ठा होने वाला पानी इस नाले से होकर पास के तालाब में जाता है। इसी तालाब के रास्ते से बने सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर्ता की कुदृष्टि पड़ चुकी है। इसे पाटने के लिए बराबर मिट्टी भी गिराई गई है और अब उसे पाटने के लिऐ एक लेबर भी लगा हुआ है। पाटने के बाद इसे प्लानिग के तहत कब्जा कर नई रूप रेखा देने में स्थानीय फौजी ने अपनी नजरे गड़ा दी है। बहरहाल अब यह देखना है कि बारिश में जिन घरों, आंगन व आसपास के इलाकों इक्कठा होने वाले पानी निकासी के लिए दसको से बना नाला बना रहता है या पाट दिया जाता है…?