विद्यालय में लटक रहा ताला

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समय पर नहीं आते शिक्षक

शहडोल। जहां शासन कोरोना कॉल में ऑनलाइन शिक्षा और घर-घर शिक्षा पर जोर दे रही थी, वह सिर्फ दिखावा और कागजों तक सिमट कर रह गया। वही शासन के नियमों के अनुसार अभिभावको से अनुमति के बाद शिक्षा को बढ़ाने पर जोर दिया गया ताकि शिक्षा का स्तर बढ़ाया जा सके, लेकिन बुढ़ार विकासखंड के बिरुहुली के संकुल प्रभारी द्वारा यह मनमानी देखी जा रही है, कुछ दिनों पूर्व विद्यालय खुलने का समय 10:30 एवं विद्यालय बंद होने का समय 5:30 बजे वरिष्ठ कार्यालय द्वारा निर्धारित किया गया था लेकिन बिरुहुली संकुल शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए प्रचार की मनमानी से संचालन हो रहा है।
बिरुहुली संकुल अंतर्गत कई ऐसे विद्यालय हैं कि जो समय पर नहीं खुलते और ताला लटकता रहता है, संकुल प्रचार द्वारा कभी भी इन विद्यालय का निरीक्षण नहीं किया जाता एवं खुद बिरुहुली में शिक्षक छात्र अपने मन मुताबिक विद्यालय आते-जाते देखे जा रहे हैं, अधिकतर समय शिक्षक आवागमन और गपशप में बिजी रहते हैं, साथ ही यहां पदस्थ क्लर्क बाब,ू बुढार बीईओ कार्यालय में अपनी सेवाएं देते नजर आते हैं। ग्रामीण स्कूलों का निरीक्षण कभी भी कोई वरिष्ठ अधिकारी द्वारा नहीं किया जाता। कागजों और सेटिंग से विद्यालयों को शिक्षा दी जा रही है।
कोरोना काल में खेलकूद बंद के निर्देश उच्च कार्यालय से आदेशित है, परंतु बिरुहुली प्रचार अपनी मोह माया से बाहर नहीं निकलते। अपनी मनमानी रूप से खेलकूद अतिथि की भर्ती कर लिए हैं, सुना जा रहा है कि भर्ती की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी सहायक संचालक शिक्षा और उपायुक्त शहडोल से भी की गई, लेकिन वह भी सेटिंग की बलि चढ़ गई। विद्यालय में करोना गाइडलाइंस का भी पालन नहीं किया जाता जा रहा है। शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि ध्यान देंगे ऐसे जन अपेक्षा है।
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