छात्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर 16 लाख मुआवजा के आदेश

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कोतमा । द्वितीय अतिरिक्त सदस्य मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायालय द्वारा विचाराधीन क्लेम प्रकरण एजाज अहमद वगैरह बनाम ओरियंटल इंश्योरेंश कंपनी वगैरह में कोतमा निवासी अरकान अहमद की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर 16 लाख 39 हजार रूपये के मुआवजा देने के आदेश किया गया है। इसके साथ ही फ्लेग याचिका प्रस्तुति दिनांक से अदायगी दिनांक तक छह प्रतिशत वार्षिक की दर सौ ब्याज की क्षतिपूर्ति प्रदान किये जाने का आदेश ट्रक मालिक व ड्राईवर के विरुद्ध 02 मार्च को दिया गया है।
यह है मामला
मृतक अरकान अहमद जो इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में पढऩे वाला छात्र था। दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल से हास्टल से कालेज पढऩे के लिये अपने मिन्न अम्बुज व धीरेन्द्र के साथ जा रहा था तो, रास्ते में ट्रक क्रमांक सीजी 10 जेड 1884 को उसके चालक रूप सिंह द्वारा तेज गति से ट्रक चलाते हुए उस पर नियंत्रण खोकर अरकान अहमद व उसकी मोटरसाईकिल के ऊपर ट्रक चढ़ा दिया था, जिससे दुर्घटना में आई चोटों के कारण अरकान गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी उपचार के दौरान बिलासपुर में मृत्यु हो गई थी ।
पहले एकपक्षीय हुआ था निर्णय
दुर्घटना की सूचना थाना अमरकंटक में ट्रक चालक व ट्रक के विरूद्ध तुरंत दी गई थी, ट्रक की बीमा कंपनी द्वारा मृतक के छात्र होने से उसकी कोई आय न होने, मृतक अरकान के पास मोटरसाइकिल चलाने का लायसेंस न होने, मोटरसाइकिल में तीन सवारी होने से स्वयं की गलती से दुर्घटनाग्रस्त होने, दुर्घटना कारित करने वाले ट्रक को उसके परमिट के स्थान से बाहर के स्थान पर चलने से बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति के लिये उत्तरदायी नहीं होने का कथन किया गया था, ट्रक मालिक व चालक मुकदमें में एकपक्षीय हो गये थे।
बीमा कंपनी का कथन झूठा
दुर्घटना के चश्मदीद अम्बुज गुप्ता के कथन कटरा कर दुर्घटना के संबंध में बीमा कंपनी के कथन को झूठा साबित किया गया। मृतक की आय के संबंध में अधिवक्ता की ओर से तर्क किया गया था कि मृतक के प्रतिभाशाली व साफ्टवेयर डेवलेपमेन्ट का छात्र होने से उसका भविष्य उज्जवल था तथा उसे भविष्य में अच्छी नौकरी मिलती, जिससे वह अपने मां-बाप का पालन पोषण करता, जिससे वे वंचित हो गये तथा उसकी उम्र 20 वर्ष होने को उनकी मासिक आय में 40 प्रतिशत भावी संभावनाओं के रूप में जोड़े जाने का कथन किया व अपने तर्कों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट तथा विभिन्न हाई कोर्ट के न्यायद्रष्टांत प्रस्तुत किये।
ट्रक चालक व मालिक से होगी वसूली
विद्वान अतिरिक्त जिला न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार शर्मा द्वारा प्रकरण में आई साक्ष्य तथा प्रस्तुत दस्तावेजों एवं आवेदकगण के अधिवक्ता अनिल कुमार जैन एवं बीमा कंपनी के अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत दलीलों व न्यायदृष्टांतों से आंशिक सहमत होते हुए 16,39,000 रूपये व आवेदन प्रस्तुति दिनांक से अदायगी दिनांक तक 6 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी मुस्तरी बेगम को मिले तथा दुर्घटना कारित करने वाले ट्रक को परमिट का उल्लंघन करने से उसके मालिक व चालक को दोषी पाते हुये आदेशित किया है कि बीमा कंपनी पहले आवेदिका को आदेशानुसार क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करे और उसके बाद वह ट्रक मालिक व चालक से वसूल लेवे, प्रकरण में अविवाहित मृतक अरकान अहमद के माता-पिता हैं कि ओर से अनिल कुमार जैन एडवोकेट द्वारा पैरवी की।

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