जांच अधिकारी ने मौके पर ही भाजपा नेता को सुना दिया फैसला
भाईगिरी पर उतारू जनपद की पीसीओ, कप्तान को दी शिकायत
भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करना ग्रामीण को पड़ा महंगा
शहडोल। जिले के जयसिंहनगर जनपद ग्राम पंचायत चितरांव निवासी जवाहर अहिरवार पूर्व हरिजन प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर कार्यालय शिकायत सौंपते हुए रोजगार सहायक सहायक सहित पंचायत इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। जवाहर अहिरवार ने शिकायत में उल्लेख किया है कि रोजगार सहायक रामकुमार कुशवाहा की शिकायत जनपद पंचायत जयसिंहनगर में की थी, जिसकी जांच रामगोपाल पाण्डेय को दी गई है, जो वर्तमान में पंचायत इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। 27 जुलाई 2020 को हुई शिकायत के जांच के संबंध में जनपद पंचायत में 22 मार्च को रामगोपाल पाण्डेय से मिलने गया तो, उनके द्वारा मुझे जातिगत गाली देते हुए दोबारा जनपद में दिखाई दिये तो, झूठे मामले में फंसवाने की धमकी दी गई।
वर्षाे से पदस्थ है पाण्डेय
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पंचायत इंस्पेक्टर द्वारा कहा गया कि तुम मुझे नहीं जानते हो, मेरी पहुंच कहां तक है, मेरे भाजपा सहित अधिकारियों से अच्छे संबंध हैं और समय-समय पर मैं उनकी खातिर करता रहता हूं, इसलिए मैं यहां इतने वर्षाे से पदस्थ हूं, सहित कहा कि तुम्हारी जाति के लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। वैसे पूर्व में भी जितनी शिकायत पंचायत इंस्पेक्टर को मिली है, उसकी भी अगर जांच हो जाये तो, सेटिंग में माहिर रामगोपाल पाण्डेय की कारगुजारियों से पर्दा उठ सकता है।
सीईओ पर लगाये गंभीर आरोप
पंचायत इंस्पेक्टर पीडि़त को खरी-खोटी तो सुनाई ही साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी कटघरे में खड़ा कर दिया, पंचायत इंस्पेक्टर ने कहा कि तुम्हारे जैसे लोगों से न तो सीईओ साहब मिलते हैं और न ही तुम्हारे जैसे लोगों का फोन उठाते हैं, साहब को बता दूंगा कि शिकायत करने के बाद शिकायत बंद करने के लिए पैसा मांगते हो, पूर्व में रोजगार सहायक रामकुमार कुशवाहा के खिलाफ हुई शिकायत के संबंध में कहा कि तुम यहां से चले जाओ, जनपद सहित जिला स्तर पर कमीशन देकर और भाजपा नेताओं को समय-समय पर उनको चंदा देते, हमारा कुछ नहीं होगा।
धरने पर बैठेगा समाज
शिकायतकर्ता ने बताया कि राम कुमार कुशवाहा को वर्ष 2017 से ग्राम पंचायत चितरांव में वित्तीय अधिकार मिला हुआ है और उनके कार्यकाल में लगे बिलों की जांच भी अगर निष्पक्ष कराई जाये तो, पंचायत सहित जनपद स्तर के अधिकारी नप सकते हैं, कलेक्टर से फरियाद लगाते हुए कहा कि अगर पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही नहीं हुई तो, मैं समाज के साथ धरने पर बैठूंगा साथ ही आने वाले चुनाव का हमारा समाज पूर्ण रूपेण बहिष्कार करेगा।