प्रांतीय महिला स्व . सहायता समूह महासंघ ने मांगों संबंधी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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प्रांतीय महिला स्व . सहायता समूह महासंघ ने मांगों संबंधी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कटनी । शुक्रवार को कलेक्ट्रेड पहुंचकर स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले महिला स्व.सहायता समूह की महिलाओं ने कोरोनाकाल से बंद मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था को पुनः शुरू करने की मांग करते हुए विभिन्न मांगों संबंधी ज्ञापन कलेक्टर के नाम सौंपा । ज्ञापन के माध्यम से मीना बाई, कल्लू बाई, लाल कमल, ज्योति राय, मीना राय,साधना,नबाब रानी,नोनी बाई ने बताया गया कि 2008 से एमडीएम ,सांझा चूल्हा के माध्यम से स्व.सहायता समूह द्वारा शासकीय स्कूलों में मध्यान भोजन बनाने का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है एवं आंगनवाडी केन्द्रों में नाश्ता भोजन बच्चो को पका कर दिया जा रहा है । जिससे कुपोषण को हराने में हम सफल रहे है । प्रांतीय महिला स्वासहायता समूह संघ की मांग है कि कोरोना के कारण मार्च 2020 से माध्यन्ह भोजन बंद रहा है । अब सरकार ने कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को खोल दिया है परन्तु माध्यन्ह भोजन पर विचार नहीं किया गया है जिसे शीघ्र शुरू किया जाये और विगत 8 माह से रुका रसोईयो का मानदेय दिया जाय ।माध्यन्ह भोजन के लिए महंगाई के हिसाब से प्राथमिक के प्रत्येक बच्चे को 4.97 की जगह 10 रु.की दर एवं माध्यमिक में 7.45 रू .की जगह 15 रु.दर से राशि का भुकतान किया जाए ।आंगनवाडी के पोषण आहार में नाश्ता में 5 रु. भोजन में 10 रूपये प्रति छात्र किया जाये और दर्ज छात्र संख्या के मान से राशि 100 प्रतीशत समूह के खाते में डाली जाये व रसोईया माता बहनो को मनरेगा कि मजदूरी के समनान्तर कार्य मानते हुए 5000 रूपये प्रति माह दिये जाय वही समूह के अध्यक्ष ,सचिव एवं आंगनवाडी के रसोईयो को 5000 रूपये प्रतिमाह वेतन दिया जाये । इसके अलावा उचित मूल्य कि दुकान से राशन उठाव करके समूह घर – घर वितरण करता है उसका परिवाहन भाडा भी दिया जाए । समूहों को 12 से 14 वर्ष पूर्व बर्तन प्रदाय किये गये थे जो अब पूरी तरह से अनुपयोगी हो गये है तो समूह के खाते में बर्तनो कि राशि दर्ज छात्र संख्या के मान से डाली जाये और जहां शासकीय शालाओं में एकीकरण किया गया है वहां पर मध्यान्ह भोजन कार्य में जुड़े समूहो को यथावत् रखा जाय।

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