आयुष्मान कार्डधारी होने के बाद भी 80 वर्षीय व्रद्ध से इलाज करने के बदले 60 से 70 हजार रुपये लेकर ऑपरेशन किया सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। योजना के जरिये डॉक्टर वसूल रहे हैं मोटी रकम
आयुष्मान कार्डधारी होने के बाद भी 80 वर्षीय व्रद्ध से इलाज करने के बदले 60 से 70 हजार रुपये लेकर ऑपरेशन किया
सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। योजना के जरिये डॉक्टर वसूल रहे हैं मोटी रकम।
कटनी। आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में रुपये खर्च कर इलाज कराना पड़ रहा है। एक लाभार्थी को कार्ड पर पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा दी जाती है। योजना के तहत कोई भी अधिकृत अस्पताल किसी कार्ड धारकों को इलाज से मना नहीं कर सकते लेकिन वस्तुस्थिति इसके ठीक उलट है। अस्पतालों में लाभार्थी आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पैसे देकर इलाज पा रहे हैं। डॉक्टर और निजी क्लिनिक और राज्य सरकार से अधिकृत आयुष्मान चिकित्सालय कितना पालन कर रहे और सरकार को पलीता लगा रहे है ! सरकार गरीब वर्ग और मध्यम वर्ग को आयुष्मान कार्ड की श्रेणी में रखकर उन्हें इलाजरत तो बना रही है, सेतिन इसका कितना पालन जमीनी स्तर पर हो रहा है एवम डॉक्टर इसको किस तरह से अपने इस्तेमाल में ले रहे हैं, ये आप इस तरह समझ सकते हैं। शहर के एक नर्सिंग होम में एक वृद्ध पुरुष जिसकी उम्र 80 वर्ष ग्राम बिछुआ निवासी को भर्ती किया जाता है और उनसे उनका आयुष्मान कार्ड लेकर वृद्ध के इलाज करने का दावा किया जाता है, लेकिन बाद में उनसे ये कहकर पैसे ले लिए जाते हैं कि, उनके आयुष्मान कार्ड से उन्हें फायदा नहीं होगा और उनसे 80, 000 रुपए ले लिए जाते हैं!
अस्पताल प्रबंधन पर पीड़ित दंपति ने आरोप लगाते हुए बताया कि वृद्ध से आयुष्मान कार्ड लेकर उनके आयुष्मान कार्ड से 32, 310 रुपए का ट्रांजेक्शन वृद्ध के इलाज में किया जाता है और उसे ये कहा जाता है कि, आपका आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं हो सकता जिसके एवज में उनसे 80 हजार की रकम जीजी नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर विकास गुप्ता द्वारा जमा कराई जाती है।
पहाड़ी निवार निवासी फदाली राम पटेल पेशे से रोजमर्रा मजदूरी कर अपनी पत्नी सहित घर का मुखिया है परंतु पैर में जांघ की हड्डी टूट जाने से अपंग हो गया और अब उसकी धर्मपत्नी किसी तरह सब्जी भाजी बेचकर अपना और अपने पति फदाली राम पटेल का भरण पोषण करती है चूँकि यह व्रद्ध दम्पति निःसन्तान है। व्रद्ध मरीज से जीजी नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर विकास गुप्ता द्वारा भर्ती मरीज से रुपये की माँग कर धीरे धीरे कई किस्तो में 70 से 80 हजार रुपये वसूले जा चुके है। और ऑपरेशन के बाद डिस्चार्ज के समय 30 हजार रुपये का भुगतान करने की बात व्रद्ध मरीज की पत्नी ने कहा और किसी तरह इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था कर 30 हजार जमा कर अपने पति को निजी नर्सिंग होम से छुट्टी कराकर घर ले जा सकी।
कलेक्टर से कि शिकायत
व्रद्ध दम्पति ने अपनी बीती पर शिकायत पत्र लेकर कटनी कलेक्ट्रेट जा पहुँची और शिकायत में कहा कि हमारे आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ नही मिला और हमारे आयुष्मान कार्ड की I.D.-PBGWEKZ1Q से 32310₹ आयुष्मान खाते से निकाला जा चुका है, हम गरीब बूढा बूढ़ी को मेरे द्वारा दिये गए रकम को या आयुष्मान योजना की राशि ही लौटा दिया जाए ताकि हम अपना भरण पोषण आसानी से कर सके और जो कर्ज लेकर इलाज कराए है वो राशि कर्ज की चुका सके।
कार्यवाई कर लौटाए जायंगे पैसे
इस शिकायत के आधार पर कलेक्टर ने जिला अस्पताल CMHO कार्यालय को जाँच करने हेतु निर्देशित किया, और पीड़ित व्रद्ध दम्पति जिला अस्पताल CMHO कार्यालय आकर अपना बयान भी दर्ज करवा चुकी है। आयुष्मान पोर्टल पर फदाली राम पटेल की ID से ट्रांजेक्शन 32310₹ हुआ, यह देख यह साबित हुआ कि आयुष्मान योजना से फदाली राम पटेल की ID- I.D.-PBGWEKZ1Q से आहरण किया गया है। इस पर कटनी जिला अस्पताल CMHO डॉक्टर प्रदीप मुड़िया ने कार्यवाही करने और पीड़िता को अवैध रूप से लिये गए पैसे वापस करवाने की बात कही है।