श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव और कार्तिक पूर्णिमा महाभंडारा में उमड़ा श्रद्धा का सागर दक्षिणमुखी बड़े हनुमानजी मंदिर में हजारों भक्तों ने पाया दिव्य प्रसाद का लाभ शहर में भक्ति की गंगा बही कार्तिक पूर्णिमा पर सिद्धपीठ दक्षिणमुखी बड़े हनुमान जी मंदिर द्वारा हुआ विशाल भंडारा
श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव और कार्तिक पूर्णिमा महाभंडारा में उमड़ा श्रद्धा का सागर दक्षिणमुखी बड़े हनुमानजी मंदिर में हजारों भक्तों ने पाया दिव्य प्रसाद का लाभ
शहर में भक्ति की गंगा बही कार्तिक पूर्णिमा पर सिद्धपीठ दक्षिणमुखी बड़े हनुमान जी मंदिर द्वारा हुआ विशाल भंडारा

कटनी।। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री श्री 1008 सिद्धपीठ दक्षिणमुखी बड़े हनुमान जी मंदिर, कमानिया गेट, कटनी के तत्वावधान में बुधवार, 05 नवम्बर 2025 को गोल बाजार रामलीला मैदान में आयोजित विशाल भंडारा में श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। सैकड़ो नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालु भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य बनाया।
दोपहर से ही श्रद्धालुओं का सैलाब रामलीला मैदान की ओर उमड़ पड़ा। महिलाएं, पुरुष, बच्चे सभी भक्ति भाव से ओतप्रोत होकर प्रभु श्री हनुमानजी के जयकारे लगाते हुए प्रसाद वितरण स्थल पर पहुंचे। आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं ने अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया। संपूर्ण परिसर में जय बजरंगबली और हनुमान जी की जय के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। यह भव्य आयोजन श्री श्री 1008 सिद्धपीठ दक्षिणमुखी बड़े हनुमान जी मंदिर के वार्षिक धार्मिक अनुष्ठानों का एक महत्वपूर्ण भाग रहा। इससे पूर्व 25 अक्टूबर से 04 नवम्बर 2025 तक कथा व्यास आचार्य पं. श्री इंद्रभान शास्त्री जी के सान्निध्य में श्रीमद् भागवत कथा का अमृतमय प्रवचन हुआ, जिसमें भक्तों ने गीता, भक्ति और धर्म के गूढ़ संदेशों को आत्मसात किया।
भंडारे के दौरान भक्ति संगीत, हनुमान चालीसा पाठ एवं सुंदरकांड के पाठ से वातावरण आलोकित रहा। भक्तों ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में सेवा, सद्भाव और एकता का संदेश भी देते हैं। आयोजक समिति के सदस्यों ने बताया कि यह भंडारा प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित किया जाता है, और इस वर्ष इसका स्वरूप विशेष रूप से भव्य रहा। भक्तों ने हनुमानजी के दरबार में हृदय से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। सचमुच, इस दिव्य आयोजन ने शहर को भक्ति और सेवा की भावना से सराबोर कर दिया जहाँ हर चेहरे पर भक्ति की आभा और हर हृदय में हनुमानजी के प्रति अनन्य श्रद्धा झलक रही थी।