निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम….मंगलवार से जिले के 10 लाख से अधिक मतदाताओं के घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ कलेक्टर ने नागरिकों से सहयोग की अपील हर पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करें

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निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम….मंगलवार से जिले के 10 लाख से अधिक मतदाताओं के घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
कलेक्टर ने नागरिकों से सहयोग की अपील हर पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करें
कटनी।। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जनवरी 2026 की अहर्ता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार 4 नवंबर से जिले में होने जा रही है। इस अभियान में जिले के 10 लाख से अधिक मतदाताओं के घर-घर बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ पहुंचेंगे और गणना पत्रक वितरित करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर आशीष तिवारी ने नागरिकों से इस राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि जब बीएलओ आपके घर आएं, तो सही और अद्यतन जानकारी अवश्य दें। यह कार्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और समावेशी बनाने का उद्देश्य रखता है।”
घर-घर सर्वे 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक
बीएलओ इस अवधि में घर-घर जाकर विशेष गणना प्रपत्र (EFS) वितरित करेंगे तथा पुराने एसआईआर (2002-2004) की मतदाता सूची से मिलान कर प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सुनिश्चित करेंगे। इस प्रक्रिया में नागरिकों को कोई दस्तावेज जमा नहीं करना होगा, किंतु अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोग्राफ अवश्य तैयार रखना होगा, ताकि बीएलओ द्वारा दिए गए फॉर्म में चिपकाया जा सके।
जिले में 10 लाख से अधिक मतदाता
1 अगस्त 2025 की स्थिति के अनुसार जिले में 10,01,162 मतदाता दर्ज हैं — जिनमें 5,10,526 पुरुष, 4,90,617 महिलाएँ और 19 अन्य वर्ग के मतदाता शामिल हैं।
विधानसभावार आंकड़े इस प्रकार हैं —
बड़वारा: 2,58,262 मतदाता
विजयराघवगढ़: 2,41,859 मतदाता
मुड़वारा: 2,52,159 मतदाता
बहोरीबंद: 2,48,882 मतदाता
जिले का जेंडर रेशियो 961 और ईपी रेशियो 63.14 दर्ज किया गया है।
दावे-आपत्तियाँ एवं अंतिम प्रकाशन
मतदाता सूची का प्रारूप 9 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा। 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियाँ स्वीकार की जाएंगी, जिनका निराकरण 31 जनवरी तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को निर्वाचन आयोग की अनुमति के बाद जारी की जाएगी।
पिछली सूची से मिलान न होने पर पहचान दस्तावेज
यदि किसी मतदाता का नाम पिछले एसआईआर सूची से मेल नहीं खाता, तो संबंधित ईआरओ निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी नोटिस जारी करेगा और सुनवाई के दौरान नागरिक निम्न में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेगा जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पेंशन पहचान पत्र, बैंक या सरकारी संस्था द्वारा जारी पहचान पत्र आदि।
बीएलओ व सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण पूरा
कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु जिले के सभी 1168 बीएलओ और 120 सुपरवाइजरों को राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण सत्र तहसील और विकासखंड कार्यालयों में आयोजित हुए, जिनमें पुनरीक्षण प्रक्रिया, डाटा सत्यापन और मतदाता पहचान संबंधी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर तिवारी ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने का सामूहिक प्रयास है। नागरिक जितना सहयोग देंगे, मतदाता सूची उतनी ही अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी।

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