मारपीट के मामले में सुशील यादव को झूठा फंसाने का आरोप, परिवार ने एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
मारपीट के मामले में सुशील यादव को झूठा फंसाने का आरोप, परिवार ने एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
कटनी।। माधवनगर थाना क्षेत्र के अमीरगंज में मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब आरोपी बनाए गए सुशील यादव के परिवार ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है। सुशील यादव की पत्नी सुनीता यादव ने एसपी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा और पारिवारिक रंजिश के चलते उनके पति को मामले में झूठा फंसाया गया है।

आवेदन में सुनीता यादव ने बताया कि 7 सितंबर 2026 की रात अमीरगंज क्षेत्र में कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था। उनका कहना है कि इस विवाद की जानकारी उनके पति सुशील यादव को नहीं थी और वे घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं थे। परिवार का दावा है कि घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें सुशील यादव की घटनास्थल अथवा उसके आसपास मौजूदगी दिखाई नहीं देती।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन के साथ सीसीटीवी फुटेज की पेनड्राइव भी प्रस्तुत करते हुए फुटेज का अवलोकन कर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और पारिवारिक विवाद के चलते सुशील यादव का नाम जानबूझकर प्रकरण में शामिल कराया गया।

पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
वहीं, माधवनगर पुलिस के अनुसार अमीरगंज मंदिर के सामने 7 अगस्त 2026 की रात शराब के लिए पैसे मांगने की बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस का आरोप है कि पैसे देने से मना करने पर सनत कुमार यादव के साथ हाथ-मुक्कों और लकड़ी के डंडों से मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उपचार के बाद रिपोर्ट पर माधवनगर थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिवम गुप्ता (26) निवासी अमीरगंज और शहंशाह उर्फ अनिल केवट (35) निवासी अमीरगंज को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में नामजद एक अन्य आरोपी सुशील यादव घटना के बाद से फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है।
परिवार की मांग,साक्ष्यों के आधार पर हो जांच
सुशील यादव के परिवार का कहना है कि यदि सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो में उनकी मौजूदगी नहीं है, तो इन साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया जाना चाहिए। परिवार ने एसपी से पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराने, उपलब्ध वीडियो और सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण कराने तथा यदि सुशील यादव की संलिप्तता नहीं पाई जाती है तो उन्हें प्रकरण से मुक्त किए जाने की मांग की है। परिवार ने साथ ही झूठी रिपोर्ट के जरिए निर्दोष व्यक्ति को मामले में फंसाए जाने की स्थिति में संबंधित लोगों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अब पुलिस जांच में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।