शहडोल में फिर आदिवासी पर अत्याचार @ मार-मार कर पैर तोड़ डाला

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(सोनू खान)

शहडोल। जिले में आदिवासी व दलितों पर अत्याचार लगातार बढ़ते जा रहे हैं आए दिन एक नया मामला सामने आता है जिसमें जवानों के द्वारा आदिवासियों से अत्याचार जातिगत गाली गलौच और गंभीर मारपीट के शिकायतें थाने पहुंच रही हैं सच तो यह है कि पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही करने के बाद भी दबंगों का आतंक थम नहीं रहा है आदिवासी बाहुल्य जिले पेसा एक्ट के साथ ही आदिवासियों को अन्य अधिकार देने के बाद भी उनका शोषण रोकने में प्रदेश सरकार पूरी तरह नाकाम नजर आ रही है बीते दिनों ही एक दलित के साथ गंभीर रूप से मारपीट की गई यह मामला अभी शांत ही नहीं हुआ कि बुढार थाना क्षेत्र के सराय कापा में संरक्षित बैगा जनजाति के युवक के साथ गंभीर मारपीट की गई जातिगत गालियां दी गई है और उसका पैर तक तोड़ दिया गया इस मामले की शिकायत थाने में की गई लेकिन वहां पीड़ित को न्याय नहीं मिला यह भी बताया गया कि जिस जाति विशेष के व्यक्तियों ने बैगा समाज के युवक के साथ मारपीट की उसी ब्राह्मण समाज के वर्दीधारी को बुढार थाने की कमान सौंपी गई है और थाना प्रभारी के साथ एसआई भी उसी विशेष जाति से है जिन पर पहले भी इस तरह के आरोप लगते रहे हैं लेकिन पुलिस अधीक्षक शहडोल इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और नहीं उनके ऊपर कोई कार्यवाही हो रही है इसी के चलते लगातार आदिवासियों पर शोषण हो रहा है और उनकी मांगे नहीं सुनी जा रही है आज मंगलवार को बड़ी संख्या में आदिवासी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे उन्होंने शिकायत देते हुए न्याय की गुहार लगाई है यह मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस क्या करती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन यदि पुलिस का आदिवासियों दलितों के प्रति इसी तरह ढीला ढाला तो किसी दिन कोई बड़ी वारदात हो जाए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता।

यह लिखा शिकायत में
पीड़ित ने आज मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायत पत्र में लिखा कि मैं रामकुमार बैगा पिता मिट्टा बैगा उम्र 40 साल निवासी – ग्राम सरईकांपा थाना व तहसील बुडार जिला शहडोल (म.प्र.) का हूँ । मेरे द्वारा दिनांक 28.06.2023 को बुदार बाने में रिपोर्ट किया था कि सीखा नदी में पुलिया बन रहा है. जिसकी शिकायत दिनाक 20.06:2023 को किया था जिस बात से गांव के ही अन्न मिश्रा . नीरज मिश्रा मुझसे रंजिश रखे थे । दिनांक 28.06.2023 को रात्रि के 09:00 बजे अपने खेत से वापस घर आ रहा था तभी लाला नापित निवासी सरका अन्नू मिश्रा, नीरज मिश्रा मुझे दोनों गंदी गालियां दी और कहा बैगा भरिया बहुत शिकायत करता, घर के पास पहुंचा तभी दादा बनता है कहते हुए जातिगत गाली-गलौज करते हुये मारपीट करने लगे एवं अन्नू मिश्रा बेट से मेरे दोनों पैर के घुटने के पान एवं दोनों हाथों के भुजा मे मेरा जिसकी रिपोर्ट में बुढार थाना में कराया।

तो जातिवाद के कारण नहीं दर्ज की एफ आई आर

पीड़ित ने बताया कि इस मामले को लेकर बुढार थाने भी गया था शिकायत भी लिख कर दी,लेकिन थाना बुढार वाले नीरज मिश्रा के नाम से रिपोर्ट नहीं लिखे है क्योंकि नीरज मिश्रा गांव का उपसरपंच है एवं पहुच वाला व्यक्ति है जिसके हौसले और बुलंद है। अन्नू मिश्रा एवं नीरज मिश्रा से मुझे व मेरे परिवार को खतरा है। मेरे और मेरे परिवार के साथ कोई भी बड़ी पटना घटित हो सकता है। अस्तु श्रीमान जी से निवेदन है कि नीरज मिश्रा के ऊपर रिपोर्ट दर्ज कर न्याय दिलाये।

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