वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास विफल, 300 ट्रेंच खोदकर रोका कब्जा रीठी के कुम्हरवारा में वन अमले की कार्रवाई, पुलिस व राजस्व विभाग ने भी दिया सहयोग
वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास विफल, 300 ट्रेंच खोदकर रोका कब्जा
रीठी के कुम्हरवारा में वन अमले की कार्रवाई, पुलिस व राजस्व विभाग ने भी दिया सहयोग
रीठी।। वन परिक्षेत्र रीठी के ग्राम कुम्हरवारा स्थित कक्ष क्रमांक आरएफ-172 में वन भूमि पर खेती के उद्देश्य से किए जा रहे अतिक्रमण के प्रयास को वन विभाग ने विफल कर दिया। ग्रामीणों द्वारा पिछले करीब 15 दिनों से वन भूमि में लेंटाना और झाड़ियों की साफ-सफाई कर खेती की तैयारी की जा रही थी।
वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार एवं एसडीओ कटनी (पश्चिम) कार्तिकेय भट्ट (IFS) के निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल के नेतृत्व में गुरुवार को वन अमले ने कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस, राजस्व विभाग एवं स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से करीब 300 अतिक्रमण रोधी ट्रेंच खोदकर वन भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित किया गया।

महिलाओं को आगे कर विवाद की स्थिति बनाने का प्रयास
कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों द्वारा महिलाओं को आगे कर विवाद की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र वन अधिकार पट्टाधारियों को प्राप्त अधिकारों के अतिरिक्त वन भूमि पर व्यक्तिगत पट्टे का प्रावधान नहीं है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से भ्रामक जानकारी अथवा किसी के बहकावे में आकर नवीन अतिक्रमण नहीं करने की अपील की।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वन परिक्षेत्र अधिकारी रीठी ने बताया कि क्षेत्र में जहां भी वन भूमि को साफ कर खेती के लिए कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, वहां भी भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नैगेवा में भी मुक्त कराई गई थी वन भूमि
वन विभाग के अनुसार, इससे पूर्व रीठी वन परिक्षेत्र की नैगेवा बीट में भी इसी प्रकार किए गए अतिक्रमण को हटाकर वन भूमि को मुक्त कराया गया था। विभाग द्वारा अब वन भूमि पर नवीन अतिक्रमण की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
डीएफओ गर्वित गंगवार ने कहा कि जिले में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के संबंध में भ्रामक जानकारी देकर लोगों को वन भूमि पर अतिक्रमण के लिए प्रेरित किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयासों के विरुद्ध पूरे जिले में नियमानुसार कड़ाई से कार्रवाई जारी रहेगी।