………… दही खा लो मटकिया नै फोड़ो……..नै फोड़ो..….. कान्हा नै फोड़ो….. सधे हाथों से ढोलक पर थाप पडते ही गूंजे सुरों और संगीत के साथ दिव्यांग कृष्णा के गले से निकली सुरीली आवाज पर मंत्रमुग्ध हुए कलेक्टर
............ दही खा लो मटकिया नै फोड़ो........नै फोड़ो..….. कान्हा नै फोड़ो..... सधे हाथों से ढोलक पर थाप पडते ही गूंजे...