छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026: राज्यपाल के नाम SDM को सौंपा गया ज्ञापन, संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का लगाया आरोप

0

मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही:

छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पेश किए गए “छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026” को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इस संबंध में महामहिम राज्यपाल को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस विधेयक पर अनुमति न देने का आग्रह किया गया है।

संविधान के मूल अधिकारों पर चोट

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि 19 मार्च 2026 को लाए गए इस विधेयक के कई प्रावधान भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन करते हैं। पत्र के अनुसार:

* यह विधेयक अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता), अनुच्छेद 19 (भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 14 व 21 के तहत गारंटीकृत अधिकारों के विरुद्ध है।

* आरोप लगाया गया है कि यह प्रस्तावित कानून सद्भावनापूर्ण तरीके से की जाने वाली धर्मार्थ, शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों को अपराध की श्रेणी में लाकर एक विशिष्ट अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बना रहा है।

विधेयक की मुख्य खामियां

शिकायतकर्ता ने विधेयक की विभिन्न धाराओं और कंडिकाओं पर बिंदुवार आपत्तियां दर्ज की हैं:

* एकतरफा कार्रवाई का डर: आरोप है कि विधेयक की धाराएं एक विशेष समुदाय को लक्षित करती हैं, जबकि कानून सभी धर्मों के लिए समान होना चाहिए।

* प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध: पत्र में कहा गया है कि विधेयक के कुछ अध्याय नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

* दुरुपयोग की आशंका: अध्याय 3 की कंडिका 5 और 6 पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि इससे राजनीतिक दबाव में अनावश्यक प्रकरण दर्ज होने और कानून के दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाएगी।

* जांच प्रक्रिया पर सवाल: यह मांग की गई है कि मामलों की जांच पुलिस प्राधिकारी के बजाय जिला मजिस्ट्रेट (DM) स्तर पर होनी चाहिए ताकि निष्पक्षता बनी रहे।

पुनर्विचार की मांग

ज्ञापन के अंत में महामहिम राज्यपाल से विनम्र प्रार्थना की गई है कि वे इस विधेयक पर पुनः विचार करने के लिए इसे विधानसभा में वापस भेजें। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि यह विधेयक वर्तमान स्वरूप में लागू होता है, तो यह संविधान की मूल प्रस्तावना और लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा।

 

ज्ञापन सौपने वालो मे

संयुक्त मसीही समाज की तरफ से ज्ञापन सौपा गया. जिसमे प्रफुल जेम्स, पास्टर सिक्का, सुनीता तिमोथी, रविंद्र लकड़ा, अभय वाल्टर,रोबिन्सन मसीह, विदेशीपास्टर, राजा जसपाल, रोहित कुजर, अमीन सिंग.सिंग, मंगल मसीह, प्रशांत डेनियल, प्राचीन अशोक समुएल, सत्यपाल, पा. पन्ना, पा श्याम डाडे, सहित बहुत से लोग शामिल रहे…

साथ ही प्राचीन प्राफुल जेम्स ने मीडिया को बताया कि हमारा देश एक धर्म निरपेक्ष

देश और इस कानून के तहत हम मसीहियो धार्मिक स्वतंत्रता न छीनी जाये

और रोबिनसन मसीह ने इसे काला कानून बताया

संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत सूचकांक आधारित समग्र विकास को मिल रही गति* गौरेला पेंड्रा मरवाही, 30 मार्च 2026/ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत गौरेला विकासखंड में 28 जनवरी से सूचकांक आधारित योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही निरंतर जारी है, जो आगामी 14 अप्रैल तक चलेगा। अभियान को पूर्णतः इंडिकेटर आधारित बनाते हुए विभिन्न विभागों द्वारा चिन्हित प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराना, बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, सभी केंद्रों में कार्यशील शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था तथा पशुधन में एफएमडी टीकाकरण का पूर्ण कवरेज जैसे प्रमुख सूचकांक पर विशेष फोकस किया जा रहा है।इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन एवं पंचायत विभाग के समन्वित प्रयासों से विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं।विभागीय समन्वय, जनभागीदारी एवं सतत प्रयासों के माध्यम सशक्त, परिणामोन्मुख एवं जन-केंद्रित पहल के रूप में उभर रहा है, जो समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा नियमित मूल्यांकन कर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं शिक्षा से संबंधित व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों, शपथ ग्रहण एवं प्रशिक्षण सत्रों के साथ की गई। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विशेष दिवसों से जोड़ते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के तहत आगे बढ़ाया गया, जिससे अभियान में निरंतरता एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हुई। संपूर्णता अभियान के दौरान 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस पर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर, 11 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका दिवस पर किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम, 28 फरवरीको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इसी तरह 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस,16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस, 22 मार्च को विश्व जल दिवस और 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर थीम आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता को बढ़ावा दिया गया। अभियान के दौरान आगामी चरणों में 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस,10 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस और 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक समावेशन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत सूचकांक आधारित समग्र विकास को मिल रही गति* गौरेला पेंड्रा मरवाही, 30 मार्च 2026/ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत गौरेला विकासखंड में 28 जनवरी से सूचकांक आधारित योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही निरंतर जारी है, जो आगामी 14 अप्रैल तक चलेगा। अभियान को पूर्णतः इंडिकेटर आधारित बनाते हुए विभिन्न विभागों द्वारा चिन्हित प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराना, बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, सभी केंद्रों में कार्यशील शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था तथा पशुधन में एफएमडी टीकाकरण का पूर्ण कवरेज जैसे प्रमुख सूचकांक पर विशेष फोकस किया जा रहा है।इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन एवं पंचायत विभाग के समन्वित प्रयासों से विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं।विभागीय समन्वय, जनभागीदारी एवं सतत प्रयासों के माध्यम सशक्त, परिणामोन्मुख एवं जन-केंद्रित पहल के रूप में उभर रहा है, जो समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा नियमित मूल्यांकन कर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं शिक्षा से संबंधित व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों, शपथ ग्रहण एवं प्रशिक्षण सत्रों के साथ की गई। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विशेष दिवसों से जोड़ते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के तहत आगे बढ़ाया गया, जिससे अभियान में निरंतरता एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हुई। संपूर्णता अभियान के दौरान 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस पर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर, 11 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका दिवस पर किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम, 28 फरवरीको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इसी तरह 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस,16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस, 22 मार्च को विश्व जल दिवस और 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर थीम आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता को बढ़ावा दिया गया। अभियान के दौरान आगामी चरणों में 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस,10 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस और 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक समावेशन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।