कलेक्टर साहब, बड़ी ठंड है… छुट्टी दे दीजिए

0
(अनिल तिवारी)
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। खासतौर पर शहडोल ने इस बार ठंड के अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले के कल्याणपुर क्षेत्र सहित कई इलाकों में, जहां बड़े निजी विद्यालय संचालित हैं, वहां ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। सुबह-शाम शीतलहर और गलन इतनी तेज है कि सामान्य दिनचर्या भी मुश्किल हो गई है।
ठंड और लगातार बढ़ती गलन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रदेश के कई जिलों में हालात को देखते हुए स्थानीय अवकाश, जो पहले 4 जनवरी तक घोषित किए गए थे, उन्हें आगे बढ़ा दिया गया है। लेकिन शहडोल संभाग में अब तक इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं होने से अभिभावकों में असमंजस और चिंता बनी हुई है।
चार दिनों की छुट्टी के बाद सोमवार को जब नन्हे-नन्हे बच्चे सुबह उठकर स्कूल जाने के लिए तैयार हुए, तो ठंड का एहसास और भी ज्यादा चुभने लगा। हाथों में दस्ताने, सिर पर टोपी और स्वेटर के ऊपर स्वेटर पहने बच्चों को देखकर जिले के कई क्षेत्रों से एक ही आवाज उठने लगी “कलेक्टर साहब, ठंड बहुत बढ़ चुकी है, छुट्टी दे दीजिए।”
खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों की चिंता स्वाभाविक है। उनका कहना है कि केवल जनसंपर्क विभाग का प्रेस नोट या डॉक्टरों की एडवाइजरी पर्याप्त नहीं है। अगर वास्तव में भविष्य को संवारना है और बच्चों को बीमारियों से बचाना है, तो इस भीषण ठंड के बीच स्कूलों की छुट्टियों को कुछ दिन और बढ़ाना जरूरी है।
हालांकि कलेक्टर इस तरह के मामलों में पहले भी संवेदनशील और गंभीर नजर आए हैं, लेकिन इस बार अब तक न शहडोल, न अनूपपुर और न ही उमरिया जिले में किसी तरह के अवकाश संबंधी आदेश जारी हुए हैं। अलबत्ता सोमवार सुबह जनसंपर्क विभाग शहडोल ने कलेक्टर के हवाले से एक बयान जरूर जारी किया, जिसमें ठंड के मौसम में सतर्कता बरतने और सावधानी रखने की अपील की गई है।
इसके बावजूद आमजन और अभिभावक अब अपील या सलाह से आगे बढ़कर ठोस फैसले का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतिहास में दर्ज ठंड के आंकड़ों से ज्यादा जरूरी है नन्हे-मुन्ने बच्चों की सेहत और सुरक्षा, जिसके लिए छुट्टी की घोषणा समय की मांग बन चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed