मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, मंडी सचिव को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क किए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग, कांग्रेस ने दी व्यापक आंदोलन की चेतावनी
मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, मंडी सचिव को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क किए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग, कांग्रेस ने दी व्यापक आंदोलन की चेतावनी
कटनी।। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने शुक्रवार को पहरुआ स्थित गल्ला मंडी में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मंडी शुल्क वृद्धि को किसान, व्यापारी और आम उपभोक्ता विरोधी बताते हुए मंडी सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री गोविंद सचदेवा के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मंडी शुल्क में वृद्धि से कृषि उपज के व्यापार की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर किसानों, व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। शुल्क बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में कठिनाई होने के साथ ही आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि की आशंका है। ज्ञापन में कहा गया कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश में मंडी शुल्क अधिक होने से व्यापार दूसरे राज्यों की ओर स्थानांतरित होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे प्रदेश के व्यापारिक वातावरण, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि सरकार का मंडी शुल्क बढ़ाने का निर्णय किसान और व्यापारी हितों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों, व्यापारियों और आम जनता के हितों की आवाज लगातार उठाती रही है। यदि सरकार ने मंडी शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया तो कांग्रेस जनहित में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। प्रदेश महामंत्री गोविंद सचदेवा ने कहा कि किसी भी प्रकार के कर अथवा शुल्क में वृद्धि करने से पहले व्यापारिक संगठनों और किसान प्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। बिना संवाद के लिया गया निर्णय प्रदेश के व्यापारिक माहौल को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सरकार से मंडी शुल्क वृद्धि पर तत्काल पुनर्विचार कर व्यापारियों और किसानों को राहत देने की मांग की। कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने ज्ञापन के माध्यम से मंडी शुल्क को 1.5 प्रतिशत किए जाने का निर्णय तत्काल निरस्त करने, किसान एवं व्यापारिक संगठनों से चर्चा कर नई नीति तैयार करने तथा भविष्य में किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला, प्रदेश महामंत्री गोविंद सचदेवा, प्रेम बत्रा, राहुल होतवानी, मंगल सिंह, संजय गुप्ता, रमेश अहिरवार, इमरान खान, महेश रोचलानी, अजय कुमार कुशवाहा एवं हर्षित मिश्रा सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।