दशरथ घाट सड़क निर्माण में ठेकेदार की मनमानी, जंगल से अवैध मुरुम उत्खनन का आरोप

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(जय प्रकाश शर्मा)
मानपुर।जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिरौली स्थित ऐतिहासिक दशरथ घाट संगम तक पहुंच मार्ग निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। मानपुर–शहडोल  राजमार्ग से संगम तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई थी। विभागीय प्रक्रिया पूरी कर निविदा के माध्यम से कार्य ठेकेदार को सौंपा गया और निर्माण कार्य भी शुरू हो गया, लेकिन अब ठेकेदार की मनमानी उजागर होने लगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही मुरुम का अवैध उत्खनन वन भूमि से किया गया। यह उत्खनन मानपुर वन परिक्षेत्र के बीटीआर मझौली बीट अंतर्गत नदी किनारे से जेसीबी मशीनों द्वारा किया गया, जबकि इसके लिए न तो वन विभाग से अनुमति ली गई और न ही खनिज या राजस्व विभाग से कोई स्वीकृति प्राप्त की गई।
हजारों ट्रॉली मुरुम सड़क पर बिछाने का आरोप
बताया जा रहा है कि प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में ठेकेदार द्वारा जेसीबी लगाकर हजारों ट्रॉली मुरुम खुदवाकर सड़क निर्माण में उपयोग कर लिया गया। जब इस पर आपत्ति जताई गई तो ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कार्य को रुकवाया।
विरोध के बाद जेसीबी और ट्रैक्टर गायब
ग्राम मझौली निवासी बालगोविंद यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और संबंधित विभागों में शिकायत की बात कही। इसके बाद अगली सुबह जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर मौके से गायब पाए गए।
पर्यटन विकास का समर्थन, लेकिन पर्यावरण से समझौता मंजूर नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि दशरथ घाट संगम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की पहल सराहनीय है और समाज हित में है, लेकिन इसके नाम पर प्राकृतिक वनों, नालों और नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ करना स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने  जिले के कलेक्टर,खनिज विभाग, एसडीएम एवं तहसीलदार मानपुर से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रोका जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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