दिव्यांग हॉस्टल परिसर में गंदे पानी का भराव, नन्हे दिव्यांग बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा

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गिरीश राठौड़

दिव्यांग हॉस्टल परिसर में गंदे पानी का भराव, नन्हे दिव्यांग बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा

अनूपपुर/अनूपपु नगर पालिका क्षेत्र अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 9 में स्थित दिव्यांग हॉस्टल परिसर में इन दिनों गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। हॉस्टल के समीप स्थित खाली मैदान में नाली का गंदा पानी भर जाने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। इसी परिसर में आंगनवाड़ी केंद्र  और प्राथमिक शाला संचालि है  में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने दिव्यांग बच्चों को प्रतिदिन गंदे पानी और दलदल के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर खतरा मंडराने लगा है।

प्राप्त जानकारी  के अनुसार दिव्यांग हॉस्टल परिसर में लगभग समय से नाली के गंदे पानी का भराव बना हुआ है। यहां संचालित प्राथमिक शाला में 19 दिव्यांग बच्चे नियमित रूप से अध्ययन के लिए आते हैं, वहीं इसी परिसर में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में लगभग 15 छोटे बच्चे प्रतिदिन पहुंचते हैं। लेकिन परिसर में फैला गंदा पानी बच्चों के लिए बड़ी बाधा और खतरा बन गया है।

 

 

 

 

वार्डवासियों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी की नाली हॉस्टल से पहले तक तो पक्की बनी हुई है, किंतु आगे उचित जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण हॉस्टल के पास एक कच्ची नाली बना दी गई है। इसी कच्ची नाली से लगातार रिसाव होता रहता है, जिससे गंदा पानी मैदान में फैलकर जमा हो जाता है। परिणामस्वरूप मैदान दलदल में तब्दील हो चुका है और बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों व कर्मचारियों का आना-जाना भी बेहद कठिन हो गया है।

शिक्षकों द्वारा इस समस्या को लेकर नगर पालिका में कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

स्कूल प्रबंधन एवं विद्यार्थियों के अभिभावकौ ने   जिला प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने नाली को पक्का करने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि दिव्यांग और छोटे बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

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