शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर KAC के धरने को दिव्यांशु मिश्रा अंशु का समर्थन
शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर KAC के धरने को दिव्यांशु मिश्रा अंशु का समर्थन

कटनी। कटनी में PPP मॉडल के बजाय पूर्ण शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर KAC संस्था द्वारा चलाए जा रहे गैर-राजनैतिक छात्र धरने को कांग्रेस के युवा नेता दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने समर्थन दिया। धरना स्थल पर छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार और स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।
दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं होने को सांसद और विधायक की राजनीतिक विफलता बताया। उन्होंने कहा कि कटनी की जनता और विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बावजूद अब तक शासकीय मेडिकल कॉलेज की दिशा में ठोस पहल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना का भरोसा दिलाकर जनता से समर्थन लिया गया, लेकिन बाद में मेडिकल कॉलेज को PPP मॉडल के तहत संचालित किए जाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। उन्होंने PPP मॉडल को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे आम जनता और विद्यार्थियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस नेता ने स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन और RKDF से जुड़े कथित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित संस्थाओं को लेकर उठे विवादों के बावजूद क्षेत्रीय भाजपा नेता इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने से बच रहे हैं। उन्होंने अन्य जिलों में PPP मॉडल पर संचालित मेडिकल कॉलेजों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस मॉडल की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा PPP मॉडल की विशेषताएं बताकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष तथ्यों को जनता के सामने लाने का काम करेगा।
दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने कहा कि विपक्ष और उसके छात्र संगठन ने पिछले दस वर्षों में विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर कई आंदोलन किए हैं। शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर भी विपक्ष सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विधायक लखन घनघोरिया के माध्यम से मध्यप्रदेश विधानसभा में भी इस मांग को लगातार उठाया गया है और आगे भी इसे विधानसभा में उठाया जाता रहेगा। कटनी को PPP मॉडल पर आधारित मेडिकल कॉलेज नहीं, बल्कि ऐसा पूर्ण शासकीय मेडिकल कॉलेज चाहिए, जिसका सीधा लाभ कटनी की जनता और स्थानीय विद्यार्थियों को मिले। उन्होंने धरने पर बैठे छात्रों को भरोसा दिलाया कि विपक्ष छात्रों और कटनी की जनता के साथ खड़ा है तथा शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।,धरने के दौरान कमल पांडे, राजेश जाटव, सचिन गर्ग, राहुल यादव, प्रशांत जैन, सिद्धार्थ जायसवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।