कटकोना में रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार के आरोप
रोजगार सहायक के खिलाफ जांच की मांग
(अरविन्द द्विवेदी)
अनूपपुर। जिले की कोतमा जनपद के ग्राम कटकोना में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में तीखा असंतोष उभरने लगा है। ग्राम पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक आशीष महरा के खिलाफ ग्रामीणों ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से व्यापक जांच की माँग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पंचायत क्षेत्र में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी मस्टर रोल तैयार किए गए और बिना वास्तविक कार्य के भारी राशि का भुगतान करवाया गया।
कई योजनाओं में अनियमितता के आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार मुख्यमंत्री गोचर भूमि विकास योजना के विभिन्न चरणों में जारी मस्टर रोल जैसे कि 9104, 9103, 9105, 9102 में बिना स्थल पर कार्य कराए मजदूरी राशि निकाले जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन तारीखों में ये मस्टर रोल दर्ज हैं, उन दिनों संबंधित क्षेत्रों में किसी प्रकार की खुदाई, समतलीकरण या चारागाह निर्माण जैसी गतिविधियाँ नहीं हुईं। इसी तरह वृक्षारोपण कार्य के लिए जारी मस्टर रोल 8154, 9101 और 7718 को लेकर भी ग्रामीणों का दावा है कि मजदूरी भुगतान दिखाया गया, जबकि स्थल पर पौधारोपण का काम देखा ही नहीं गया। एक अन्य शिकायत में देवी चौरा कटकोना नलकूप निर्माण (विधायक निधि) का मुद्दा भी शामिल है, जिसमें ग्रामीणों के मुताबिक बिना कार्य व मूल्यांकन के लगभग 41 हजार रुपये की राशि मई 2024 में आहरित की गई।
देवारण्य योजना पर भी उठे प्रश्नचिह्न
देवारण्य योजना के हितग्राहियों से संबंधित मस्टर रोल 8156, 8047, 12644, 8155, 11679 और 7884 को लेकर भी आरोप है कि लाभार्थियों के नाम पर फर्जी कार्यदिवस दर्ज कराए गए और राशि निकाली गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि लाभार्थी किसानों तक न तो तकनीकी सहायता पहुँची और न ही वास्तविक खेती कार्य कराए गए, फिर भी भुगतान जारी हुआ।
शिकायतकर्ता पर बढ़ रहा दबाव
इन आरोपों को लेकर शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन 181 में भी शिकायतें दर्ज कराई हैं। शिकायत के बाद स्थिति और जटिल होती दिख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत वापस लेने के लिए पंचायत के कुछ प्रतिनिधियों और रोजगार सहायक की ओर से शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया जा रहा है। आरोप यह भी है कि शिकायतकर्ता को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने की चेतावनी दी जा रही है।
कार्यवाही की मांग
ग्रामवासियों का कहना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए तो फर्जी भुगतान और कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभाग स्थल निरीक्षण कर मस्टर रोल व भुगतान का मिलान करे ताकि सत्य सामने आ सके। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर लगातार अनियमितताओं को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, परंतु अब तक न तो औपचारिक जांच शुरू हुई है और न ही जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले को ठंडे बस्ते में न डाला जाए, क्योंकि यह न केवल सरकारी धन का प्रश्न है बल्कि ग्राम पंचायत कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता से भी जुड़ा मुद्दा है।