जिले की औद्योगिक इकाईयों व फैक्ट्रियों में फायर सुरक्षा प्रबंधों की होगी जांच,कलेक्टर ने एसडीएम की अध्यक्षता में गठित किया 5 सदस्यीय जांच दल

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जिले की औद्योगिक इकाईयों व फैक्ट्रियों में फायर सुरक्षा प्रबंधों की होगी जांच,कलेक्टर ने एसडीएम की अध्यक्षता में गठित किया 5 सदस्यीय जांच दल
कटनी।। बिना फायर एनओसी की चल रही औद्योगिक इकाईयों और कारखानों के विरूद्ध सख्त कदम उठाते हुए इनकी जांच व निरीक्षण के लिए जांच दल गठित कर दिया है। कलेक्टर द्वारा जिले के औद्योगिक क्षेत्र लमतरा, बरगवां, अमकुई,  कटाये घाट, माधवनगर और अमीरगंज सहित अन्य स्थानों में स्थापित औद्योगिक इकाईयों और फैक्ट्रियों में तय मानकों के मुताबिक फायर सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह जांच समिति 7 दिन में वस्तुस्थिति का जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपेगी। जांच समिति का अध्यक्ष अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को बनाया गया है। जबकि सदस्य के तौर पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक, लोक निर्माण विभाग, इलेक्ट्रिकल एण्ड मेकैनिकल के अनुविभागीय अधिकारी सहित मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम की ओर से कटनी क्षेत्र के लिए अधिकृत सहायक यंत्री एवं उपयंत्री तथा नगर पालिक निगम के फायर ऑफिसर को शामिल किया गया है। कलेक्टर ने लमतरा औद्योगिक इकाई में हाल ही में हुई आगजनी की घटना के बाद जिले भर की फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाईयों में आग से बचाव के सभी उपकरणों को चाक-चौबंद रखने की अपेक्षा सभी औद्योगिक इकाईयों के संचालकों और प्रबंधकों से की है। इसी परिप्रेक्ष्य में उन्होंने औद्योगिक इकाईयों में अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा ऑडिट करने के लिए जांच अधिकारियों की तैनाती की है। लमतरा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित दो औद्योगिक इकाइयों में बीते शनिवार को हुई आगजनी की घटना को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए जिले की फैक्ट्रियों और कारखानों में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो और औद्योगिक संस्थानों में पर्याप्त फायर सेफ्टी व्यवस्था की समुचित उपलब्धता की जांच हेतु पांच सदस्यीय दल गठित किया है। सभी औद्योगिक इकाईयों में अग्निशमन प्रणाली यानि फायर फाइटिंग सिस्टम निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए। धुएं की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था हो, स्टेयर केस और रैम्प को हमेशा अवरोध मुक्त रखा जाना चाहिए। इन्हें चौनल गेट या किसी अन्य ढांचे से बंद नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही फैक्ट्री के ओपन एरिया को फाइबर शीट, टीन शेड या अन्य किसी अस्थायी संरचना से ढ़कने के बजाय खुला रखना चाहिए। ताकि प्राकृतिक वेंटिलेशन भी बना रहे।

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