कहीं सफाई में लापरवाही तो कहीं वसूली में सुस्ती, अधिकारियों की लगी क्लास, अधूरे कामों पर सवाल लंबित फाइलों से लेकर विकास परियोजनाओं तक की पड़ताल, निगमायुक्त की दो टूक—समय पर काम करें, लापरवाही पर जवाब दें
कहीं सफाई में लापरवाही तो कहीं वसूली में सुस्ती, अधिकारियों की लगी क्लास, अधूरे कामों पर सवाल
लंबित फाइलों से लेकर विकास परियोजनाओं तक की पड़ताल, निगमायुक्त की दो टूक—समय पर काम करें, लापरवाही पर जवाब दें
कटनी। नगर निगम की समय-सीमा (टीएल) बैठक में निगमायुक्त तपस्या परिहार ने विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। कहीं सफाई व्यवस्था में लापरवाही तो कहीं राजस्व वसूली में सुस्ती और लंबित प्रकरणों के निराकरण में देरी को लेकर निगमायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने अधीनस्थ अमले के कामकाज की नियमित मॉनिटरिंग करें और निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में लंबित टीएल प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन, न्यायालयीन मामलों, बजट प्लानिंग, हितग्राहीमूलक योजनाओं और विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त प्रियंका झारिया, कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह एवं सुधीर मिश्रा, राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी, दरोगाओं को नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक मार्गों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों की रोकथाम और डेयरी विस्थापन की कार्रवाई में लापरवाही पर निगमायुक्त ने नाराजगी जताई। स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी को व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। वहीं, स्वच्छता मित्रों की कम उपस्थिति पर वार्ड क्रमांक 18, 19, 20, 21 एवं 35 के संबंधित दरोगाओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इनमें रतन परिहार, नरेंद्र सोनखरे, गौरव तिवारी एवं जितेंद्र मलिक के नाम शामिल हैं।
नवरात्रि पर्व को देखते हुए निगमायुक्त ने मंदिरों, धार्मिक स्थलों और दुर्गा प्रतिमा पंडालों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवारा मवेशियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, पंडालों के आसपास स्वच्छता जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने और प्रत्येक पंडाल में डस्टबिन रखवाने को कहा। प्रसाद वितरण एवं भंडारे के दौरान कागज से बनी डिस्पोजल सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए दुर्गा समितियों के पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
राजस्व वसूली में सुस्ती पर सख्ती
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान निगमायुक्त ने कहा कि राजस्व विभाग नगर निगम की रीढ़ है और शहर का विकास निगम की आय पर निर्भर करता है। उन्होंने राजस्व अमले को निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुरूप वसूली करने, बड़े बकायादारों से नियमित संपर्क करने तथा शत-प्रतिशत डिमांड नोटिस वितरित करने के निर्देश दिए। वसूली अभियान में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य हासिल करने पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रहण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में हो रही देरी पर भी निगमायुक्त ने नाराजगी जताई। ऑनलाइन प्रकरणों के निराकरण में आ रही दिक्कतों की समीक्षा के दौरान नामांतरण लिपिक संजय पाठक के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर अंतिम चेतावनी देते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, लंबित फाइलों के निराकरण के निर्देश
नगर में अवैध मैरिज गार्डनों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई सुनिश्चित करने और भवन अनुज्ञा के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए। निगमायुक्त ने बिना अनुमति अथवा स्वीकृत अनुमति के विपरीत किए गए निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार नोटिस जारी करने और कंपाउंडिंग की कार्रवाई करने को कहा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए। पोर्टल पर उपयंत्रीवार लंबित भवन अनुज्ञा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फाइलों का शीघ्र निराकरण करने की हिदायत दी, ताकि निर्माण संबंधी मामलों में अनावश्यक विलंब न हो और नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी सवाल
शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं प्रियदर्शनी बस स्टैंड, सराय कॉम्प्लेक्स, गोल बाजार, सब्जी मंडी, मीट मार्केट, डेयरी प्रोजेक्ट, हॉकर्स जोन और खिरहनी मार्केट की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने भूमि आवंटन, निविदा आमंत्रण, दर स्वीकृति, अनुबंध निष्पादन और कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर के विभिन्न वार्डों में छोटे-छोटे हॉकर्स जोन विकसित करने पर भी जोर दिया।
पीएम आवास और स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी
प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 एवं 2.0 के तहत पूर्ण, प्रगतिरत और अपूर्ण आवासों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही बीएलसी घटक में प्राप्त एवं परीक्षण के लिए लंबित आवेदन, किश्तों के भुगतान, हितग्राहियों को आधिपत्य सौंपने की स्थिति और नवीन डीपीआर सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई। निगमायुक्त ने पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने और योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने प्रभारी यश रजक को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। साप्ताहिक लक्ष्य के अनुरूप ऋण आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने तथा स्वनिधि से समृद्धि और क्रेडिट कार्ड से जुड़े प्रकरणों में तेजी लाने को कहा, ताकि पात्र छोटे व्यवसायियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
जनसुनवाई से जलापूर्ति और कटाएघाट मेले तक की समीक्षा
बैठक में रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, महापौर जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों, दैनिक जलापूर्ति, स्वच्छ भारत मिशन के तहत जागरूकता गतिविधियों, संबल योजना के लंबित प्रकरणों और आईएचएसडीपी भवनों के आवंटन की भी समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने लंबित आवेदनों पर समय-सीमा में कार्रवाई करने और भवन आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। कटाएघाट मेले के आयोजन को लेकर उन्होंने झूलों एवं अन्य मनोरंजक गतिविधियों की व्यवस्था, वाहन स्टैंड संचालन और टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा। इसके अलावा नदियों के सीमांकन के बाद पत्थर लगाने की कार्रवाई शीघ्र शुरू करने तथा निगम के डायरेक्शन बोर्ड पर निजी बैनर-पोस्टर लगाने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में निगमायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करने और तय समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही के साथ ही शहर के विकास एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति दी जा सकती है।