शासन की योजना, हितग्राही की लापरवाही किस्त लेकर भी नहीं बने घर, 1304 हितग्राहियों को जिला प्रशासन की अंतिम चेतावनी 5 मार्च तक पुनः सत्यापन नहीं तो पोर्टल से कटेगा नाम, भविष्य की सभी योजनाओं से होंगे बाहर

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शासन की योजना, हितग्राही की लापरवाही
किस्त लेकर भी नहीं बने घर, 1304 हितग्राहियों को जिला प्रशासन की अंतिम चेतावनी
5 मार्च तक पुनः सत्यापन नहीं तो पोर्टल से कटेगा नाम, भविष्य की सभी योजनाओं से होंगे बाहर
कटनी।। गरीबों को पक्का आवास देने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। शासन से आर्थिक सहायता की किस्तें लेने के बाद भी जिले के 1304 हितग्राहियों ने 4 से 8 वर्ष बीत जाने के बावजूद आवास निर्माण शुरू तक नहीं किया, जिस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने इस गंभीर स्थिति को शासन की मंशा के विपरीत बताते हुए सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को 5 मार्च तक अनिवार्य पुनः सत्यापन के निर्देश जारी किए हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि रुचि न दिखाने वाले हितग्राहियों के नाम सीधे पोर्टल से हटाए जाएंगे।
किस्त ली, मकान नहीं बनाया
वर्ष 2016-17 से 2021-22 के बीच जिन हितग्राहियों को पहली या आंशिक किस्तें जारी की गईं, उनमें से कई ने न तो निर्माण कार्य शुरू किया और न ही शासन को कोई ठोस कारण बताया। ऐसे हितग्राहियों को शासन के निर्देशानुसार कैटेगरी ए, बी और सी में चिन्हित किया गया है। पुनः सत्यापन के बाद यह साफ हो जाएगा कि कौन वास्तव में जरूरतमंद है और कौन केवल योजना का लाभ लेकर उसे रोककर बैठा है
सबसे अधिक लापरवाही इन जनपदों में
जनपद पंचायतवार स्थिति बेहद चिंताजनक है—
ढीमरखेड़ा – 293 प्रकरण
विजयराघवगढ़ – 281 प्रकरण
बहोरीबंद – 273 प्रकरण
बड़वारा – 175 प्रकरण
रीठी – 152 प्रकरण
कटनी – 130 प्रकरण
नाम कटते ही हमेशा के लिए लाभ समाप्त
प्रशासन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि पोर्टल से नाम हटने के बाद न अगली किस्त मिलेगी न भविष्य में किसी भी आवास योजना का लाभ पात्रता हमेशा के लिए समाप्त मानी जाएगी। जिला प्रशासन ने इच्छुक हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि जो वास्तव में आवास बनाना चाहते हैं, वे तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ करें, ताकि अगली किस्त जारी की जा सके।

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