हाईकोर्ट का आदेश, माधवनगर में चला बुलडोजर 3 घंटे में 1800 वर्गफीट का अवैध मकान ध्वस्त
हाईकोर्ट का आदेश, माधवनगर में चला बुलडोजर 3 घंटे में 1800 वर्गफीट का अवैध मकान ध्वस्त
कटनी।। माधवनगर थाना क्षेत्र के हॉस्पिटल लाइन इलाके में गुरुवार सुबह जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के सख्त आदेश का पालन करते हुए शासकीय भूमि पर बने एक बड़े अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। करीब तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में लगभग 1800 वर्गफीट क्षेत्रफल में बना पक्का मकान पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा विरोध और नारेबाजी भी की गई, लेकिन अधिकारियों ने किसी दबाव में आए बिना न्यायालय के आदेश का सख्ती से पालन किया।
10 साल पुराना मामला, चार नोटिस के बाद भी नहीं हटा कब्जा
जानकारी के अनुसार हॉस्पिटल लाइन क्षेत्र में खेमचंद मोटवानी द्वारा लगभग 1600–1800 वर्गफीट शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण किया गया था। इस मामले को लेकर क्षेत्र निवासी किशोर जियानी ने शिकायत दर्ज कराई थी,जो बाद में हाईकोर्ट तक पहुंची। लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अवैध अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट आदेश जारी किए थे। आदेश के अनुपालन में प्रशासन द्वारा कब्जाधारी को चार बार नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद आज यह सख्त कार्रवाई की गई।
प्रशासन–पुलिस–नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई
आज सुबह करीब 10 बजे राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी, तहसीलदार आशीष अग्रवाल, टेकराम हर्षवर्धन, माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे, नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
अवैध कब्जाधारियों में दहशत, आगे भी चलेगी कार्रवाई
इस संबंध में तहसीलदार टेकराम हर्षवर्धन ने बताया कि हाईकोर्ट से स्पष्ट आदेश मिलने के बाद प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में आगे भी बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद माधवनगर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप और दहशत का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मौजूद अन्य अवैध निर्माणों पर भी प्रशासन की नजर पड़ेगी।