अवैध पैथोलॉजी पर नहीं लग रहा लगाम, मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़

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ताला पेट्रोल पंप के पास चल रही संदिग्ध लैब; बिना योग्य डिग्री के जांच का आरोप, स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के सवाल
(जय प्रकाश शर्मा)
मानपुर। तहसील क्षेत्र में एक बार फिर अवैध पैथोलॉजी लैबों का जाल फैलता नजर आ रहा है। कोरोना काल के बाद कई ऐसे लोग खून जांच और अन्य जांचों के नाम पर लैब संचालित कर रहे हैं, जिनके पास न तो आवश्यक योग्यता है और न ही वैध अनुमति। इससे मरीजों की सेहत के साथ बड़ा जोखिम पैदा हो रहा है।
बताया जा रहा है कि पूर्व में जिला स्तर से मानपुर क्षेत्र की कई अवैध पैथोलॉजी लैबों पर कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही फिर से नई-नई लैब खुलने लगीं। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह कारोबार दोबारा फलने-फूलने लगा है।
ताला पेट्रोल पंप के पास फैला जाल
ताला पेट्रोल पंप के आसपास निजी पैथोलॉजी और क्लीनिकों का जाल तेजी से फैल रहा है। आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होने वाली साधारण जांच भी कई बार मरीजों को निजी लैब में भेजकर कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कमीशन के फेर में गरीब और अनजान मरीजों को निजी जांच के लिए मजबूर किया जाता है।
क्षेत्र में कई जगहों पर पैथोलॉजी और एक्स-रे के बोर्ड लगे हुए हैं, जबकि कुछ झुग्गी-झोपड़ी जैसे स्थानों पर भी झोलाछाप डॉक्टरों के बोर्ड दिखाई देते हैं। इससे ग्रामीणों का आर्थिक शोषण होने के साथ-साथ उनकी सेहत भी खतरे में पड़ रही है।
बिना योग्य डिग्री के चल रही लैब
स्वास्थ्य नियमों के अनुसार पैथोलॉजी लैब संचालन के लिए योग्य पैथोलॉजिस्ट की जरूरत होती है, लेकिन आरोप है कि कई जगहों पर बिना विशेषज्ञ डिग्री वाले लोग लैब चला रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ मामलों में डॉक्टरों की डिग्री किराए पर लेकर लैब संचालित की जा रही हैं।
ताला बांधवगढ़ रोड पर संचालित प्रतिमा पैथोलॉजी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यहां मेडिकल स्टोर और क्लीनिक की आड़ में गुप्त तरीके से पैथोलॉजी का संचालन किया जा रहा है।
जरूरत न होने पर भी कराई जाती जांच
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ निजी क्लीनिकों में आने वाले मरीजों को अनावश्यक जांच के लिए भी भेज दिया जाता है। कई बार ऐसी जांचें भी लिख दी जाती हैं जिनकी तत्काल जरूरत नहीं होती, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध लैब और झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायतें पहले भी की गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अक्सर जांच और कार्रवाई की बात कहते हैं, लेकिन धरातल पर ठोस कदम नजर नहीं आते।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी पैथोलॉजी लैबों की जांच कर नियमों के विरुद्ध चल रही लैबों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों की सेहत से खिलवाड़ न हो।

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