संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में चौथा दिन ध्रुव चरित्र और नरसिंह अवतार का हुआ वर्णन

0

नौरोाबाद। उमरिया जिले के जनपद पंचायत करकेली के अंतर्गत ग्राम धनवार में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का विशाल आयोजन किया गया कथा स्थल ग्राम धनवार व्यास पीठ वृंदावन के कथावाचक आचार्य श्री राधा कृपा उमा मिश्रा जी ने कहा कि मोह माया के बजाय यदि आसत्ती श्री हरि की जाए तभी लाभकारी हो सकती है। श्री हरि हमें सभी शरण में जाने के लिए मन विकारों को दूर करना जरूरी है। कृष्ण का पाना है तो कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं भक्ति का सही अर्थ सीखना और जानना है तो वह ध्रुव चरित्र से सीखा जा सकता है। प्रभु की प्राप्ति के लिए उन्होंने बालपन ही कठोर तपस्या की। ईश्वर भी वॉल वस्था में की गई पवित्र मन की प्रार्थना को जल्दी सुनते हैं ग्राम धनवार में युवा राजपूत उत्सव समिति द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा के माध्यम से व्यास कथावाचक आचार्य श्री राधा कृपा उमा मिश्रा जी ने तीसरे दिन ध्रुव चरित्र नरसिंह अवतार आदि का वर्णन किया गया है*
भक्तों के लिए प्रभु ने लिया नरसिंह अवतार
कथावाचक आचार्य राधा कृपा जी ने कहा की भागवत सही मार्ग दिखाता है। भक्ति करनी है तो भक्त वाला जैसा भक्ति करो, कहा कि भगवान ने प्रहलाद के लिए नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया। ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य को दिखावा ना करते हुए भगवान को सच्चे हृदय से याद करना चाहिए। तपस्या और निष्छल प्रेम से ही भक्तों के सामने भगवान प्रकट हो जाते हैं। कथा सुनने से ऊर्जा का संचार होता है वृंदावन से आए हुए आचार्य श्री राधा कृपा उमा मिश्रा जी ने प्रकाश डाला। आज तीसरे दिन श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने महाराणा क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी गण एवं सदस्य उपस्थित रहे एवं क्षेत्रीय भक्तजनों की भीड़ उमड़ी और यह कथा सुनकर भक्तजनों मनमुग्ध भावपूर्ण भाव-विभोर होकर नाचने गाने लगे एवं कथा समापन के बाद हजारों की संख्या में भक्तजनों ने प्रसाद ग्रहण किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *