मोबाइल पर लाखों के टैक्स नोटिस से हड़कंप: 2 से 10 लाख तक बकाया दिखा, जांच के आदेश
(जयप्रकाश शर्मा)मानपुर। नगर परिषद में इन दिनों संपत्ति कर के भारी-भरकम बकाया राशि के मोबाइल मैसेज ने नागरिकों की नींद उड़ा दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से भेजे जा रहे कंप्यूटर जनरेटेड संदेशों में 2 लाख, 7 लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक की बकाया राशि दर्शाई जा रही है। इतनी बड़ी रकम का नोटिस मिलते ही लोग सकते में आ गए हैं।
कई नागरिकों का कहना है कि उनके पास जितनी संपत्ति है, उससे कहीं अधिक कर की मांग दिखाई जा रही है। कुछ लोगों ने बताया कि उनकी पूरी संपत्ति का बाजार मूल्य भी उतना नहीं है, जितना बकाया मैसेज में बताया गया है। अचानक आए इन संदेशों से आमजन में आक्रोश और असमंजस की स्थिति बन गई है। लोग नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर जानकारी लेने को मजबूर हैं।
जीआईएस सर्वे में गड़बड़ी की आशंका
अध्यक्ष श्रीमती भारती सतीश सोनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले एक एजेंसी द्वारा नगरीय क्षेत्र में घर-घर जाकर जीआईएस सर्वे कराया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सर्वे के दौरान संपत्ति का एरिया अधिक फीड होने की आशंका है, जिसके आधार पर सिस्टम से स्वत: मैसेज जारी हो गए।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की वास्तविक संपत्ति के अनुसार ही कर का निर्धारण किया जाएगा। यदि कहीं त्रुटि पाई जाती है तो उसे सुधारा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, बल्कि अपने दस्तावेजों के साथ कार्यालय में संपर्क करें ताकि सही आकलन किया जा सके। फिलहाल, प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि तकनीकी गड़बड़ी है या सर्वे में लापरवाही। लेकिन लाखों के टैक्स मैसेज ने शहर में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ा दी है।