प्रसुताओं के लिए काल बना मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र
परिजनों ने लगाये चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप
(Amit Dubey+8818814739)
उमरिया। एक ओर प्रदेश सरकार आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिलाने के लिये कई प्रकार की योजनाओं का संचालन कर रही है, लेकिन मानव सेवा से जुड़े इस पवित्र पेशे में भी मनमानी चरम पर है। यही वजह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अमले को नियमानुसार प्रात: 8 बजे अस्पताल पहुंच जाना चाहिये, लेकिन जिले की मानपुर जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 9-10 बजे तक भी आधे से अधिक स्टॉफ अस्पताल नही पहुंच पाता, जिसके चलते दूर दराज क्षेत्रों से उपचार के लिये अस्पताल आने वाले मरीज और उनके परिजन परेशान होते रहते है, इन दिनों मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जिम्मेदारों की लापवाही के कारण प्रसुताओं की मौतों का सिलसिला शुरू हो चुका है।
तो कोरोना से कैसे होगी सुरक्षा
दर्जनों कर्मचारियों की नियुक्ति, लाखों का वेतन, व्यवस्था में करोड़ों का बजट इसके बावजूद आये दिन प्रसुताओं की मौत और अन्य अव्यवस्थाओं से स्थानीय प्रबंधन सामान्य दिनों में व्यवस्था नहीं बना पा रहा है, ऐसी परिस्थितियों में कोविड-19 का लगातार बढ़ रहा संक्रमण मानपुर क्षेत्र के वाशिंदों के लिए खतरे की घंटी है। जब सामान्य दिनों में व्यवस्थाएं पटरी से उतरी हुई हैं तो, कोविड-19 से जंग कैसे लड़ी जायेगी, यह सोचनीय पहलू है।
नहीं मिल रहा योजना का लाभ
मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टरों और स्वास्थ्य अमले की लेट लतीफी की प्रमुख वजह यहां कुप्रबंध का हावी होना है, अस्पताल में व्यवस्था नाम की कोई चीज नही रह गई है, जिसके चलते मरीज परेशान होते रहते हैं। उपचार के लिये अस्पताल आने वाले मरीजों को समझ में नही आता कि आखिर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बड़ी योजनाओं का लाभ उन्हें क्यों नही मिल पा रहा है।
उपचार के दौरान प्रसूता की मौत
8 अगस्त की सुबह फिर मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगातार तीसरी मौत हुई, गोवर्धे निवासी खेलन पति सतीश कोल उम्र 22 वर्ष महिला का प्रसव के दौरान मौत हो गई, परिजनों ने बताया कि महिला को उपचार हेतु 1 दिन पहले भर्ती कराया गया था, जिसके बाद चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया था, लेकिन प्रसुता की स्थिति उपचार के दौरान ज्यादा खराब हो गई।
मांगे थे इलाज के लिए 10 हजार
डॉक्टरों द्वारा रेफर करने हेतु कहा गया, जब परिजनों द्वारा शासकीय वाहन की बात की गई तो, डॉक्टर द्वारा कहां गया कि एम्बुलेंस खराब पड़ी है और अच्छे से इलाज हेतु 10 हजार रूपये की व्यवस्था कर लीजिए, महिला के परिजनों के पास राशि न होने के कारण रेफर नहीं किया गया, जिसके कारण परिजनों द्वारा बाहर उपचार हेतु नहीं ले जा पाये, जिससे महिला की मौत हो गई।
लापरवाह को बनाया प्रभारी
परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रसुता की मौत के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के जिम्मेदार हैं, स्वास्थ्य केंद्र मानपुर प्रबंधन ने लापरवाही छुपाने का प्रयास किया, मामले में मानपुर में पदभार ग्रहण किए बीएमओ द्वारा कहा गया कि मैं कुछ नहीं बता सकता, वहीं जिले में बैठे जिम्मेदारों ने कथित लापरवाह अधिकारी पर कार्यवाही करने के बजाये, उसे बीएमओ का पद देकर उपकृत कर दिया।
इनका कहना है…
इस संबंध में मैं फोन पर कुछ नहीं बता सकता, मेरी पकड़ थी, मैनें वापस पदस्थापना करवा ली, बाकी आपकी मर्जी।
डॉ. बी.के. प्रसाद
बीएमओ, मानपुर