80 फीट के रावण दहन का रोमांच देखने उमड़ेगा जनसैलाब, कैमोर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 70 हजार लोगों की भीड़ जुटने का अनुमान, शाम 6 से रात 12 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध; सीसीटीवी और पुलिस बल से होगी निगरानी
80 फीट के रावण दहन का रोमांच देखने उमड़ेगा जनसैलाब, कैमोर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
70 हजार लोगों की भीड़ जुटने का अनुमान, शाम 6 से रात 12 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध; सीसीटीवी और पुलिस बल से होगी निगरानी
कैमोर। उद्योग नगरी कैमोर का ऐतिहासिक दशहरा एक बार फिर भव्यता, परंपरा और रोमांच का साक्षी बनने जा रहा है। एसीसी रामलीला मैदान में विजयादशमी पर करीब 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन देखने हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। पिछले वर्ष यहां करीब 70 हजार लोगों की भीड़ जुटी थी। इस बार भी आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। संभावित जनसैलाब को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नगर में शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, वहीं सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा बलों के जरिए भीड़ पर नजर रखी जा रही है।
अग्निबाण से होगा रावण का दहन, आसमान में दिखेगा आतिशबाजी का रोमांच
कैमोर का दशहरा अपनी अनूठी परंपरा और आकर्षक आयोजन के लिए प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना चुका है। यहां रावण दहन का दृश्य दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहता है। रामलीला मंच से भगवान श्रीराम द्वारा छोड़ा गया अग्निबाण आकाशीय मार्ग से करीब 200 मीटर की दूरी तय कर रावण के विशालकाय पुतले तक पहुंचता है। अग्निबाण लगते ही जोरदार विस्फोट के साथ पुतला धू-धू कर जल उठता है। इससे पहले करीब एक घंटे तक होने वाली आकर्षक आतिशबाजी पूरे वातावरण को उत्सवमय बना देती है। इस अद्भुत दृश्य को देखने कैमोर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान पहुंचते हैं।
डेढ़ महीने से चल रही तैयारी, 80 फीट ऊंचा पुतला लगभग तैयार
रावण के विशालकाय पुतले का निर्माण करीब डेढ़ महीने पहले ही शुरू कर दिया गया था। अनुभवी कारीगर परंपरागत कला के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर पुतले को आकार दे रहे हैं। इसके हाथ, पैर, धड़ और सिर अलग-अलग तैयार किए जाते हैं, जिन्हें बाद में क्रेन की मदद से जोड़ा जाता है। पहले पैरों को खड़ा किया जाता है, फिर धड़, दस सिरों और ढाल-तलवार थामे भुजाओं को स्थापित किया जाता है। पुतले को तैयार करने की यह पूरी प्रक्रिया भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। करीब 80 फीट ऊंचे पुतले का निर्माण अंतिम चरण में है और दहन से दो दिन पहले तक इसके पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।
रामलीला मंचन और मां दुर्गा के दर्शन को भी उमड़ रहे श्रद्धालु
कैमोर में दशहरा महोत्सव की शुरुआत विजयादशमी से करीब तीन सप्ताह पहले ही रामलीला मंचन के साथ हो जाती है। इस वर्ष मैहर के गुबरी से आए मानस मंडल द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला मैदान से लगे स्थायी दुर्गा मंडप में मां सिंहवाहिनी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलीला का आनंद लेने और मातारानी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। अष्टमी की संध्या पर महाआरती का भव्य आयोजन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहता है।
रोशनी से जगमगाया मैदान, मेले में झूले और व्यंजनों की बहार
दशहरा महोत्सव के लिए पूरे रामलीला मैदान को रंगीन विद्युत रोशनी से सजाया गया है। मैदान के किनारे सजी दुकानों पर सौंदर्य प्रसाधन, क्रॉकरी, घरेलू बर्तन और रोजमर्रा के उपयोग की अनेक वस्तुएं उपलब्ध हैं। वहीं, देशी-विदेशी व्यंजनों के दर्जनों स्टाल मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनी मैदान में विशाल आकाशीय झूला, नाव वाला झूला, मिकी माउस और इस बार मौत का कुआं भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस तरह धार्मिक आयोजन के साथ मेला भी लोगों के लिए मनोरंजन और खरीदारी का बड़ा अवसर बन रहा है।
कलेक्टर-एसपी कर चुके निरीक्षण, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
दशहरा उत्सव की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक रामलीला मैदान पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण कर चुके हैं। एसडीओपी तथा कैमोर थाना प्रभारी आशीष शर्मा भी प्रतिदिन मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। शाम के समय सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए आगामी आदेश तक शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल के साथ अदाणी सीमेंट के सुरक्षा जवान भी विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। अदाणी एसीसी कैमोर प्लांट के प्रमुख सुदीप्तो मंडल के मार्गदर्शन में हेड एचआर श्री पाठक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी आयोजन की व्यवस्थाओं पर निगरानी रख रहे हैं। ऐतिहासिक परंपरा, भव्य रावण दहन, आकर्षक आतिशबाजी और मेले की रौनक के बीच कैमोर का दशहरा एक बार फिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। अब सभी की निगाहें विजयादशमी की उस शाम पर टिकी हैं, जब भगवान श्रीराम का अग्निबाण रावण के पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देगा।