मोहन भागवत के बयान से भड़का ब्राम्हण समाज, सुभाष चौक में किया विरोध प्रदर्शन, प्रशासन की सक्रियता से नहीं हुआ पुतला दहन, सांकेतिक प्रदर्शन कर दी चेतावनी
मोहन भागवत के बयान से भड़का ब्राम्हण समाज, सुभाष चौक में किया विरोध प्रदर्शन, प्रशासन की सक्रियता से हुआ पुतला दहन, सांकेतिक प्रदर्शन कर दी चेतावनी

कटनी। पिछले दिनों वर्ण व्यवस्था को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर ब्राम्हण समाज में असंतोष व्याप्त है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान से ब्राह्मण समाज अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा है। बयान का विरोध करते हुए ब्राम्हण समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने सोमवार दोपहर मोहन भागवत का पुतला लेकर सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन किया व आरएसएस प्रमुख के खिलाफ नारेबाजी की।
चाणक्य ब्राम्हण महासभा कटनी के प्रदेश प्रभारी रमाकांत दीक्षित ने प्रदर्शन के संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि भागवत जी ने पिछले दिनों जातियों को बांटने के लिए ब्राम्हणों को जिम्मेदार ठहराया, उनका यह कहना ब्राम्हणों का अपमान है, वर्णव्यवस्था अनादि काल से है उसे ब्राम्हणों ने समाज पर नहीं थोपा, उन्होंने कहा कि ब्राम्हणों को जाति विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह अनुचित है। राजनैतिक दल अपनी सुविधा के अनुसार बयानबाजी कर के वोटबैंक की राजनीति करते हैं न कि ब्राम्हण। भागवत जी ने भी वोट बैंक के लिए ब्राम्हणों पर आरोप लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान समाज के विभिन्न संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।
प्रशासन रहा मुस्तैद
मोहन भागवत के पुतला दहन की खबर पाकर पुलिस बल ने प्रशाशनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सुभाष चौक को चारों ओर से घेर लिया। अधिकारियों के समझाने पर समाज के पदधिकाइयों ने दहन करने के लिए लाएगये पुतले को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कोतवाली थाना प्रभारी अजय सिंह ने कहा कि प्रशासन की मुस्तैदी के कारण पुतला दहन नही हुआ।