नवरात्रि, जवारा विसर्जन और दशहरा की व्यवस्थाओं के लिए निगमायुक्त ने जारी किए निर्देश विभागवार अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
नवरात्रि, जवारा विसर्जन और दशहरा की व्यवस्थाओं के लिए निगमायुक्त ने जारी किए निर्देश
विभागवार अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
कटनी। आगामी नवरात्रि, जवारा विसर्जन एवं दशहरा पर्व को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने पर्व के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कार्यादेश जारी कर विभागवार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में व्यवस्थाएं पूर्ण करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार नवरात्रि पर्व 11 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। 19 अक्टूबर को जवारा विसर्जन तथा 20 अक्टूबर को दशहरा चल समारोह और दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। दशहरा चल समारोह पूर्व वर्षों की परंपरा के अनुसार शाम 5 बजे स्टेशन रोड स्थित कमानिया गेट से प्रारंभ होकर सुभाष चौक, झंडा बाजार, शेर चौक और आजाद चौक होते हुए मोहन घाट, गाटर घाट सहित अन्य निर्धारित विसर्जन स्थलों तक पहुंचेगा।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
व्यवस्थाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपायुक्त श्रीमती प्रियंका झारिया को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, कार्यपालन यंत्री श्री सुधीर मिश्रा और राजस्व अधिकारी श्री जागेश्वर प्रसाद पाठक को सहायक प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निगमायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
लोक निर्माण शाखा को मुख्य मार्गों, देवी मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों, चल समारोह मार्गों और विसर्जन स्थलों की ओर जाने वाली सड़कों के गड्ढों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। अमृत योजना के अंतर्गत क्षतिग्रस्त सड़कों का रेस्टोरेशन कर उन्हें आवागमन योग्य बनाया जाएगा।
मोहन घाट, गाटर घाट सहित अन्य चिन्हित विसर्जन स्थलों पर पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कृत्रिम विसर्जन कुंड, बैरिकेडिंग, पंडाल, बैठक व्यवस्था और वॉच टावर स्थापित किए जाएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से तैराक, गोताखोर, होमगार्ड, लाइफ जैकेट और मोटर बोट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित जलकुंडों में ही कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
विद्युत शाखा को जालपा देवी मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों, जवारा घाटों, विसर्जन कुंडों और जुलूस मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। झूलते विद्युत तारों को व्यवस्थित करने के साथ विद्युत व्यवधान की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार लाउडस्पीकर और जनरेटर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वच्छता, पेयजल और अग्निशमन की रहेगी व्यवस्था
पर्व के दौरान स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं का दायित्व स्वास्थ्य अधिकारी श्री संजय सोनी एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है। मंदिरों, विसर्जन कुंडों, पहुंच मार्गों और चल समारोह मार्गों की विशेष सफाई कराई जाएगी। इसके साथ ही चूने की लाइनिंग, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और सड़कों पर मवेशियों की रोकथाम के उपाय किए जाएंगे। महिलाओं की सुविधा के लिए चलित शौचालय उपलब्ध कराने तथा पंडालों में डस्टबिन और स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर के सभी 45 वार्डों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं की सूची तैयार कर संबंधित विसर्जन कुंड प्रभारियों को उपलब्ध कराई जाएगी। श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकरों के माध्यम से मंदिरों में पानी पहुंचाया जाएगा। विसर्जन कुंडों में पानी भरने तथा प्रमुख चौराहों पर टैंकर तैनात करने की व्यवस्था भी की जाएगी। अग्निशमन की दृष्टि से पुलिस कंट्रोल रूम में स्टाफ सहित फायर ब्रिगेड वाहन तैनात रहेगा। अन्य अग्निशमन वाहनों को भी तैयार रखने तथा विसर्जन स्थलों पर आवश्यकतानुसार हाइड्रा, जेसीबी और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिक्रमण हटाने और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
निगमायुक्त ने जवारा विसर्जन मार्गों एवं प्रतिमा स्थापना स्थलों के आसपास आवागमन में बाधा बनने वाले अस्थायी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। जर्जर भवनों के असुरक्षित छज्जों पर लोगों के बैठने पर रोक लगाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग करने पर भी जोर दिया गया है। श्रद्धालुओं को प्रतिबंधित विसर्जन स्थलों, निर्धारित विसर्जन कुंडों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी देने के लिए समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए भोजन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से निर्मित दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। विसर्जन की व्यवस्था केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने तथा अमानक प्लास्टिक के स्थान पर पत्तल-दोना जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने की अपील की जाएगी।
समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य नवरात्रि, जवारा विसर्जन एवं दशहरा पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि सभी धार्मिक आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।