पटवारी पर रिश्वत मांगने, धमकी देने और नाप में मनमानी का आरोप पीड़ित किसानों ने कलेक्टर को सौंपा शिकायत पत्र, कठोर कार्यवाही की मांग

पटवारी पर रिश्वत मांगने, धमकी देने और नाप में मनमानी का आरोप
पीड़ित किसानों ने कलेक्टर को सौंपा शिकायत पत्र, कठोर कार्यवाही की मांग
कटनी। तहसील बरही अंतर्गत ग्राम केवलारी के किसानों ने हल्का पटवारी यादवेन्द्र सिंह हल्का नंबर 18, सलैया सिहोरा पर भूमि नापने और नामांतरण के एवज में रिश्वत मांगने तथा धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों ने जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव को शिकायत सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच एवं सख्त कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता सत्येन्द्र सिंह एवं योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने खसरा नंबर 254/1 रकबा 0.40 हेक्टेयर की भूमि के सीमांकन हेतु 30 अप्रैल 2025 को लोक सेवा केंद्र से आवेदन किया था। 2 मई को पटवारी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा –
“मैं अपनी मर्जी से काम करता हूं, बार-बार फोन मत करना। आपकी जमीन की लोकेशन महत्वपूर्ण है, खर्चा तो देना पड़ेगा। दस हजार रुपए देने होंगे, वरना मनमानी नाप करूंगा और जमीन भी कम कर दूंगा।”
शिकायत के अनुसार, जब आरआई की उपस्थिति में नाप की बात की गई तो पटवारी ने उल्टा चेतावनी दी कि “आरआई को बुलाओगे तो खर्चा और बढ़ेगा। नेतागिरी दिखाओगे तो नाप ही नहीं करूंगा।” तय तारीख 11 जून को सीमांकन नहीं किया गया और पीड़ितों को जानबूझकर अनदेखा किया गया। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि पटवारी खुद को मिलिट्री से रिटायर्ड बताकर धौंस जमाते हैं –
“मैं शौक से नौकरी करता हूं, किसी अधिकारी या नेता के दबाव में नहीं आता। मेरे पास हाईवा, बंगला, गाड़ी सब है, मेरे ड्राइवर को 40 हजार वेतन देता हूं।”
इसी प्रकार एक अन्य शिकायतकर्ता राजू यादव ने भी भूमि नामांतरण के लिए दस हजार की रिश्वत मांगने और आंशिक भुगतान के बाद भी बार-बार पैसे मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, आंशिक नामांतरण के बाद भी शेष प्रक्रिया रोक दी गई और लगातार पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे सामान्य किसान हैं, इतनी बड़ी रिश्वत की मांग पूरी नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि भ्रष्टाचार और अमर्यादित व्यवहार के लिए पटवारी के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।