उपयंत्री की अपडाउन कार्य प्रणाली से जनकल्याणकारी योजनाएं हो रही प्रभावित
जयसिंहनगर। जनपद पंचायत मुख्यालय पर कहने को तो सभी विभागों के दफ्तर है, लेकिन मुख्यालय में अधिकारियों के न रहने से उनमें पदस्थ कर्मचारियों की मनमानी चल रही है, जिससे विभिन्न कामकाज से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन के आदेश के मुताबिक कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता है, बावजूद इसके जनपद में पदस्थ कर्मचारी शहडोल से अप-डाउन कर रहे है। कलेक्टर ने अपने अधीनस्थ जिले के अधिकारी एवं कर्मचारियों को पदस्थ स्थान पर रहने के निर्देश दिए हैं, लेकिन उनके निर्देश की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, अधिकारी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं, जनपद के मुखिया के पास अतिरिक्त जिला पंचायत अधिकारी का प्रभार होने के चलते वह भी अधिकांश समय शहडोल से अपडाउन करते हैं, इसके चलते जनपद में पदस्थ अन्य कर्मचारी खुद भी संभागीय मुख्यालय से अपडाउन कर रहे है।कार्यशैली उजागर
जनपद पंचायत जयसिंहनगर एक ओर जहां मुखिया के चलते आये दिन सुर्खियों में रहती है, वहीं अब उनके मातहतों की कार्यशैली भी उजागर होने लगी है, पिछले कई माहों से जनपद के मुखिया की मनमनी के चलते जनपद पंचायत का कार्यालय बगैर राजा की फौज की तरह चल रहा है, उपयंत्री संभागीय मुख्यालय से अपडाउन कर रहे है, लेकिन जनपद के मुखिया को कलेक्टर सहित जिला पंचायत के मुखिया के पूर्व में दिये गये आदेशों की कोई परवाह नहीं है, वहीं जिले में बैठे अधिकारी जनपद के मुखिया के चलते उपयंत्रियों को भी कुछ नहीं कह पा रहे है।
उपयंत्री की लंबी दौड़
जनपद के कर्मचारियों की कार्यशैली के चलते पूरा प्रशासन कटघरे में नजर आ रहा है, जनपद पंचायत जयसिंहनगर में आदित्य द्विवेदी जैसे उपयंत्री भी मौजूद है, जो अपना निवास जयसिंहनगर न बनाकर बल्कि शहडोल से आना-जाना किया जा रहा है, जिससे लोगों की मानें तो उपयंत्री से मिलने में काफी कठिनाइयां होती है, उपयंत्री का आधा समय आने-जाने में ही निकल जाता है, जनपद की ग्राम पंचायतों में सेटिंग वाली पंचायतों में हो रहे निर्माण कार्य पर उपयंत्री कभी नहीं पहुंचते, लगभग निर्माण कार्याे में भर्रेशाही मची हुई है, पंचायतों में पक्के निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्याे में जमकर लीपापोती चल रही है।
फोन तक पर नहीं मिलते साहब
शासन ने पूर्व में एक आवश्यक निर्देश सभी कार्यालय प्रमुखों को जारी किया था कि सप्ताह में सोमवार के दिन सभी अधिकारी, कर्मचारी अपनी कार्यालय में आवश्यक रूप से उपस्थित रहेंगे ताकि आम जनता की समस्याओं की सुनवाई हो सके, लेकिन अप-डाउन की प्रणाली के चक्कर में हितग्राही विभाग के चक्कर काटता है और मजे की बात तो यह है कि दिखावे के लिए कमरा ले लिया गया है, अगर अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल लोकेशन की जांच की जाये तो, पूरे खेल से पर्दा उठ सकता है, कथित उपयंत्री के पास कतिरा, बिनैका जैसी अन्य पंचायते जो जनपद के अंतिम छोर पर बसी है, वहां चल रहे निर्माण कार्य पर संभवतः ही कभी नजर जाती हो।
लेकिन हैं ईमानदार!
वर्तमान में जनपद के कई कर्मचारी रोजाना संभागीय मुख्यालय से अप-डाउन कर रहे हैं। जबकि नियमानुसार विभागों में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल से 8 किमी दूरी के दायरे में आवास लेने एवं निवास करने का नियम लागू किया गया है, लेकिन दिखावे या अधिकारियो के दौरे के दिन अगर लेट-लतीफ हो जाता है तो, उस दिखावे के लिए किराये का कमरा ले लिया गया है, लेकिन ज्यादातर समय संभागीय मुख्यालय से ही अपडाउन किया जाता है, हालाकि जनचर्चा है कि सभी ईमानदार कर्मचारी है, अपने हर माह मिलने वाली तनख्वाह से पेट्रोल-डीजल भराकर स्वयं के वाहनों से प्रतिदिन कार्यस्थल पर देर से पहुंचते हैं, लेकिन पहुंचते जरूर है।
इनका कहना है…
मैंने वहां एक कमरा लिया हुआ है, हां यह जरूर है मैं शनिवार को शहडोल आ जाता हूँ।
आदित्य द्विवेदी
उपयंत्री
जयसिंहनगर, जनपद