उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय भूमि चयन को लेकर मरवाही में चक्का जाम, प्रशासन के आश्वासन पर एक माह के लिए स्थगित

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मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला

 

मरवाही: मरवाही में प्रस्तावित उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के लिए अनुचित भूमि चयन के विरोध में सोमवार को स्थानीय नागरिकों द्वारा किया गया धरना प्रदर्शन और चक्का जाम प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है।

 

सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह उग्र प्रदर्शन देर शाम उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप और सहमति के बाद समाप्त हुआ।

 

प्रदर्शन के मुख्य बिंदु:

पूर्ण बंद और चक्का जाम: प्रदर्शन को स्थानीय व्यापारियों का पूर्ण समर्थन मिला। सभी दुकानें बंद रहीं और बसों व भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही।

 

आपातकालीन सेवाओं को छूट: प्रदर्शनकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एंबुलेंस और मरीजों के वाहनों को आवाजाही की पूरी छूट दी।

 

सुरक्षा व्यवस्था: स्थिति को देखते हुए धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

 

प्रशासन के साथ वार्ता और मुख्य मांगें:

दोपहर 1 बजे तक एसडीएम (मरवाही) श्री देवेंद्र सिरमौर और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। स्थानीय जनता पिपरडोल की भूमि का तत्काल अग्रिम आधिपत्य सौंपने की मांग पर अड़ी थी।

 

इसके बाद 4 प्रतिनिधियों ने उच्चाधिकारियों से वार्ता की, जिन्होंने 1 सप्ताह का समय मांगा, जिसे प्रदर्शनकारियों ने नामंजूर कर दिया। शाम 6 बजे उच्चाधिकारियों के दल ने स्वयं धरना स्थल पर आकर ग्रामीणों से चर्चा की।

 

ग्रामीणों ने उठाया ‘जंगल कला’ और ‘जंगल खुर्द’ का मुद्दा:

प्रदर्शनकारियों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि मरवाही की अधिकांश शासकीय भूमि दस्तावेजों में ‘जंगल कला’ या ‘जंगल खुर्द’ दर्ज है, जिसके कारण यहाँ कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आ पा रहा है।

 

जबकि प्रशासन ने अन्य स्थानों पर ऐसी जमीनों का आवंटन किया है। ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी क्लॉज का निदान कलेक्टर के माध्यम से किया जा सकता है।

 

सहमति और निष्कर्ष:

ग्रामीणों के तर्कों के बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे मरवाही और उसके आसपास मुख्य मार्ग से लगी हुई उपयुक्त भूमि की पुनः जांच कराएंगे और एक ‘प्राइम लोकेशन’ खोजकर ग्रामीणों को सूचित करेंगे।

 

अधिकारियों ने इसके लिए 15 दिनों का समय मांगा था।

 

ग्रामीणों ने सहमति जताते हुए प्रशासन को 1 माह का समय दिया।

 

इस सहमति के आधार पर हड़ताल को 1 महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है।

 

प्रमुख उपस्थिति:

इस जन-आंदोलन में किशन सिंह ठाकुर, राकेश मसीह, हरीश राय, अमर गुप्ता, जमुना जायसवाल, राजकुमार सिंह, प्रमोद गुप्ता, कामता गुप्ता, वीरेन्द्र बघेल, श्याम दूबे, राजेन्द्र ताम्रकार, सन्दीप दुबे, आलोक ताम्रकार, राजेश गुप्ता, कैलाश सोनी, धीरज तिवारी, शिवप्रताप राय, हिमांशु सोनी, शेख शमीम, नारायण श्रीवास, अजीत राय, मूलचंद गुप्ता, तिपेंद्र पुरी, लोकेश चंद्रा, लल्ला चंद्रा, लखन लाल गुप्ता, वेद चंद्रा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत सूचकांक आधारित समग्र विकास को मिल रही गति* गौरेला पेंड्रा मरवाही, 30 मार्च 2026/ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत गौरेला विकासखंड में 28 जनवरी से सूचकांक आधारित योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही निरंतर जारी है, जो आगामी 14 अप्रैल तक चलेगा। अभियान को पूर्णतः इंडिकेटर आधारित बनाते हुए विभिन्न विभागों द्वारा चिन्हित प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराना, बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, सभी केंद्रों में कार्यशील शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था तथा पशुधन में एफएमडी टीकाकरण का पूर्ण कवरेज जैसे प्रमुख सूचकांक पर विशेष फोकस किया जा रहा है।इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन एवं पंचायत विभाग के समन्वित प्रयासों से विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं।विभागीय समन्वय, जनभागीदारी एवं सतत प्रयासों के माध्यम सशक्त, परिणामोन्मुख एवं जन-केंद्रित पहल के रूप में उभर रहा है, जो समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा नियमित मूल्यांकन कर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं शिक्षा से संबंधित व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों, शपथ ग्रहण एवं प्रशिक्षण सत्रों के साथ की गई। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विशेष दिवसों से जोड़ते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के तहत आगे बढ़ाया गया, जिससे अभियान में निरंतरता एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हुई। संपूर्णता अभियान के दौरान 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस पर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर, 11 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका दिवस पर किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम, 28 फरवरीको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इसी तरह 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस,16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस, 22 मार्च को विश्व जल दिवस और 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर थीम आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता को बढ़ावा दिया गया। अभियान के दौरान आगामी चरणों में 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस,10 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस और 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक समावेशन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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