संरक्षा संगठन, बिलासपुर के द्वारा शहडोल में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन

शहडोल। स्थानीय रेलवे सामुदायिक भवन मे संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन, बिलासपुर जोन के संरक्षा संगठन के द्वारा किया गया, जिसमे 100 से अधिक रेलवे कर्मचारियों को बिलासपुर से आये अधिकारियो एवं संरक्षा सलाहकारों द्वारा कार्य के दौरान होने वाले आकस्मिक दुर्घटना एवं उसके बचाव के उपाय के बिन्दुओं पर नियमों के अनुसार कार्य करने के लिए समझाया गया।
जिसमे मुख्य रूप से रेलगाड़ियों के रोलिंग-इन एवं रोलिंग-आउट क्यों महत्वपूर्ण है तथा इस कार्य के दौरान गाड़ी के किस-किस उपकरणों को चेक करना है, रेलगाड़ी एवं वैगनों को स्थावर करने के अलावा लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट द्वारा कार्य के दौरान सिगनलों को काल-आउट करना तथा रेलगाड़ियों की दुर्घटनाओं की चर्चा के साथ ही रिले रूम को खोलने के नियम व वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (संकेत) एवं वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (रेलपथ) के द्वारा सयुंक्त रूप से प्वाईंट एवं क्रासिंग की जाँच व चलती हुई गाड़ियों के चालक एवं परिचालक से ऑल राइट सिगनल का आदान प्रदान करना आदि ।
इस संगोष्टी में बिलासपुर जोन एवं मंडल के संरक्षा संगठन से श्री नवनीत राज उप मुख्य संरक्षाधिकारी(यातायात), अमित कुमार दास, उप संरक्षाधिकारी (संकेत), के. वी. रमना, वरिष्ठ मंडल संरक्षाधिकारी तथा शहडोल के रेलवे अधिकारी प्रभात कुमार (क्षेत्रीय रेल प्रबंधक), अंकित यदुवंशी (सहायक मण्डल अभियंता) और डा. कानूप्रिया (मंडल चिकित्सा अधिकारी) तथा बिलासपुर एवं शहडोल के संरक्षा सलाकार एवं सभी विभागों के पर्यवेक्षक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।