साहब प्रमाणित भ्रष्टाचार पर कब होगी कार्यवाही!
पंचायत में वर्षाे से नियम विरूद्ध हुए भुगतान नहीं ले रहे संज्ञान
पंचायतों के प्रमाणित भ्रष्टाचार सहित नियम विरूद्ध शासकीय राशि आहरित करने के मामले जनपद से लेकर जिला पंचायत कार्यालय के जिम्मेदारों के सामने पड़े है, लेकिन कार्यवाही की जगह जिम्मेदार पूरे मामलों में अंजान बने रहते हैं, शिकायतों के बाद उलटा शिकायतकर्ता पर ही दबाव बनाकर शिकायते बंद कर दी जाती है।
शहडोल। संभाग के अनूपपुर जिले के मुख्यालय की जनपद विकास के नए आयाम स्थापित करने में लगी है, लेकिन यह चमक वास्तविकता में कितनी है, इसकी जानकारी हैरान करने वाली है। शासन की योजनाओं में पैतरेबाजी करके शासन का पैसा कैसे निकाल लिया जाता है इसका उदाहरण अनूपपुर जनपद की कई ग्राम पंचायतों में आसानी से देखने मिल जाएगा। ग्राम पंचायत रेउला में ग्राम पंचायत की राशि का आहरण करने के लिए सचिव द्वारा पति की फर्म को लाखों का भुगतान ऑन रिकार्ड नियम विरूद्ध कर दिया है, राशि का आहरण करने के लिए पति की फर्म के बिल लगाए गये हैं, लेकिन नियम विरूद्ध हुए भुगतान के बाद कार्यवाही की जिम्मेदारी जिनके पास है, वह हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। बगले झांक रहे जिम्मेदार जनपद अंतर्गत आने वाली पंचायतों में नियम विरूद्ध भुगतान सहित वेण्डरों से सांठ-गांठ कर शासकीय राशि की जमकर हेराफेरी की गई है। अनूपपुर जनपद पंचायत की रेउला सहित चपानी में पदस्थ रही महिला सचिव श्रीमती सुषमा रानी पाण्डेय ने पंचायत राज अधिनियम को धता बताते हुए लाखों का भुगतान नियम विरूद्ध किया है, पूरा मामला जनपद सहित जिला पंचायत के सामने मीडिया के माध्यम से पहुंचने के बावजूद जिम्मेदार कार्यवाही की जगह बगले झांक रहे हैं।
जनपद का मिल रहा संरक्षण रेउला पंचायत में सचिव ने जमकर मनमानी की है, पंचायतों में हो रहे कारनामों पर अधिकारियों की चुप्पी एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है, चर्चा है कि पंचायत में चल रहे भ्रष्टाचार का खेल उन्ही के संरक्षण में खेला जा रहा है। तभी तो उक्त सचिव द्वारा भण्डार क्रय नियम की धज्जियां उड़ाने के साथ ही पंचायत राज अधिनियम को ठेंगा दिखाते हुए राशि का आहरण किया है, इतनी बड़ी हेराफेरी के बाबजूद जनपद सीईओ का ध्यान न देना, स्पष्ट करता है कि सचिव के संरक्षण में जनपद ने मौन साध लिया है। जवाब देने से बचते जिम्मेदार अनूपपुर जनपद की ग्राम पंचायतों का भ्रष्टाचार से पुराना नाता रहा है, सचिव श्रीमती सुषमा रानी पाण्डेय ने बीते वर्षाे में रेउला सहित चपानी में पदस्थापना के दौरान पति की फर्म को लाखों का भुगतान किया है, मजे की बात तो यह है कि सचिव पति की माँ ट्रेडर्स नामक फर्म को 2 साल में 15 लाख 90 हजार 272 का भुगतान नियम विरूद्ध कर दिया गया, लेकिन जनपद में बैठे जिम्मेदार कार्यवाही न करते हुए पोल खुलने के बाद अब जवाब देने से बचते नजर आ रहे हैं। भ्रष्टाचार के लिए खुद जिम्मेदार जनपद राज्य शासन ने पंच परमेश्वर एप के माध्यम से पंचायतों में पादर्शिता लाने एवं पंचायतों द्वारा किये जा रहे भुगतान आमजन के सामने रह सके इसके लिए पूरा प्रयास किया, लेकिन अनूपपुर जनपद की ग्राम पंचायत में पंच परमेश्वर एप में भ्रष्टाचार और नियम विरूद्ध हो रहे भुगतान को छुपाने के लिए ब्लर कर बिल एप में लगाये गये हैं, लेकिन न इस ओर जनपद ध्यान दे रहा है और न ही जिला पंचायत इस मामले में संज्ञान ले रहा है। इनका कहना है…अभी मंत्री जी का कार्यक्रम में हूं, फ्री होकर बात करता हँू।
अजय सिंह
मुख्य कार्यपालन अधिकारी
जिला पंचायत, अनूपपुर
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