डिजीटल अटैक व्दारा मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव्स का उत्पीड़न बंद करो…. मध्य प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव्स यूनियन (एमपीएमएसआरयू) की जनरल कॉउन्सिल की बैठक 4 और 5 जनवरी को…. अपने अधिकारों के एवं देश के 140 करोड जनता की दवा सम्बंधी मांगों के लिए हित की लड़ रहें लड़ाई कों केंद्र तक पहुंचाने का करेंगे प्रयास

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डिजीटल अटैक व्दारा मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव्स का उत्पीड़न बंद करो….
मध्य प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव्स यूनियन (एमपीएमएसआरयू) की जनरल कॉउन्सिल की बैठक 4 और 5 जनवरी को….
अपने अधिकारों के एवं देश के 140 करोड जनता की दवा सम्बंधी मांगों के लिए हित की लड़ रहें लड़ाई कों केंद्र तक पहुंचाने का करेंगे प्रयास


कटनी।। मध्य प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव्स यूनियन राज्य समिति की कटनी में पहली बार मध्य प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव्स यूनियन एमपीएमएसआरयू 4 और 5 जनवरी को जनरल कॉउन्सिल की बैठक आयोजित कर रहा है। सेल्स प्रमोशन कर्मचारी मेडिकल और सेल्स प्रतिनिधि अपने अधिकारों के एवं देश के 140 करोड जनता की दवा सम्बंधी मांगों कों सहित 14 सूत्रीय मांगों के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे और अपनी मांगों कों सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। 20 इकाइयों और 10 सैटेलाइट इकाइयों के 100 से अधिक प्रतिनिधि खुले और सांगठनिक सत्रों में भाग लेंगे। वे पिछले एक साल की अपनी गतिविधियों की समीक्षा और चर्चा करेंगे और अपने भविष्य के आंदोलन के बारे में चर्चा करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार देश में सेल्स प्रमोशन कर्मचारी 40 अधिसूचित उद्योगों में काम कर रहे हैं। फार्मास्युटिकल उद्योग में उन्हें दवा प्रतिनिधि मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव व अन्य नामों से भी जाना जाता है। इसी तरह अन्य उद्योगों में सेल्स प्रमोशन का काम सेल्स प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। इन सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज एसपीई के लिए 1976 में केंद्रीय श्रम कानून बनाया गया। एसपीई पर कई अन्य श्रम कानून लागू होते हैं जैसे औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1956, मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936, ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम 1972, मातृत्व लाभ अधिनियम 1961, कर्मकार मुआवजा अधिनियम 1923, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 आदि। सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज के लिए केवल एक संगठन एफएमआरएआई फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया है, जिसके देशभर के 1.15 लाख पंजीकृत सदस्य हैं जो सेल्स प्रमोशन एम्प्लाइज के अधिकारों के साथ- साथ हमारे देश के आम लोगों के लिए लड़ रहे हैं। एफएमआरएआई लंबे समय से एक तर्कसंगत दया नीति और लोगों के लिए आवश्यक दवाओं की पहुंच के लिए अभियान चला रहा है FMRAI संप्रभुता की रक्षा और दवा की कीमतों में कमी के लिए आंदोलनरत है। यह भारत में बिक्री संवर्धन कर्मचारियों सेल्स प्रमोशन एम्प्लाइज ) का एकमात्र राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन है, जिसके देश के सभी राज्यों में सहयोगी हैं और 450 से अधिक शहरों और कस्यों में इसके कार्यालय हैं। जनरल काउंसलिंग मीटिंग में प्रमुख मांगे
आवश्यक दवाओं तक पहुंच FMRAI ने तर्कसंगत दवा नीति और जनता के लिए आवश्यक दवाओं तक पहुंच के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। FMRAI एवं MPMSRU ने दवाओं की बढ़ती लागत के जवाब में दवाओं के लिए मूल्य में कमी एवं दवाओं को इग प्राइस कंट्रोल आर्डर (DPCO) में लाने की की मांग की है। FMRAI ने सभी आवश्यक दवाओं पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) शून्य करने की मांग की है। अनएथिकल फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज (UCPMP) : FMRAI ने UCPMP को एक वैधानिक संहिता बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। जनहित याचिका में चिकित्सकों को अनैतिक व्यवसाय में उकसाने के लिए दवा कंपनियों को आपराधिक रूप से उत्तरदायी बनाने की मांग की गई है। केंद्र सरकार को स्वास्थ्य बजट में सकल घरेलू उत्पाद का 5% खर्च करना चाहिए। वही राज्य सरकार से बिक्री संवर्धन कर्मचारियों की मांगें में एसपीई के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह। 8 घंटे काम करने का समय अधिसूचित करें। ओद्योगिक विवाद अधिनियम में संशोधन करें और धारा 2 (एस) में बिक्री संवर्धन को शामिल करें ताकि सेल्स प्रमोशन एम्प्लोयी (दवा एवं विक्रय प्रतिनिधि) मध्य प्रदेश राज्य में कामगार का दर्जा पा सकें। सेल्स प्रमोशन एम्प्लोयी अधिनियम सहित श्रम कानूनों का सख्ती से पालन और अस्पतालों में बिक्री संवर्धन कार्य पर प्रतिबंध से संबंधित मुद्दों का समाधान. इसी तरह से केंद्र सरकार से बिक्री संवर्धन कर्मचारियों की मांगें में दवा प्रतिनिधियों के लिए वैधानिक कार्य स्थितियां और औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 2 (जे) 2 (बी) के तहत बिक्री संवर्धन (सेल्स प्रमोशन) को उद्योग घोषित करें।
केंद्र द्वारा लाए गए चार श्रम संहिताओं को निरस्त करें और 44 श्रम कानूनों को बहाल करें.(फिक्सड टर्म एम्प्लॉयमेंट) निश्चित अवधि का रोजगार नहीं। जीपीएस आधारित गैजेट, बिक्री लक्ष्य आदि के नाम पर कोई उत्पीड़न नहीं आदि प्रमुख मांगों कों लेकर मध्य प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स यूनियन सचिव मंडल.राज्य समिति ने सरकार से मांग की हैं। आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रमुख रूप से वीरेंद्र सिंह रावल स्टेट जॉइंट सेक्रेटरी एमपीएमएसआरयू,मनोज तिवारी सेक्रेटरी एमपीएमएसआरयू, शैलेंद्र शर्मा एमपी जनरल सेक्रेटरी FMRAI वर्किंग कमेटी मेंबर, संजय सिंह तोमर प्रेसिडेंट एमपी एमपीएमएसआरयू, अनुराग सक्सेना जरनल सेक्रेटरी एमपीएमएसआरयू, शिव शंकर पैरोहा कटनी इकाई प्रेसिडेंट एमपीएमएसआरयू मिडिया प्रभारी सुभाष द्विवेदी एमपीएमएसआरयू सहित अन्य सदस्यों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

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