पं. श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज के श्रीमुख से कटनी में अवतरित होगी श्रीमद् भागवत कथा की दिव्य अमृतधारा
पं. श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज के श्रीमुख से कटनी में अवतरित होगी श्रीमद् भागवत कथा की दिव्य अमृतधारा
कटनी।। जब-जब धर्म की चेतना को जागृत करने का संयोग बनता है, तब-तब भागवत कथा के माध्यम से जनमानस को भगवान श्रीकृष्ण की शरण में ले जाने का दिव्य अवसर प्राप्त होता है। ऐसा ही एक पावन अवसर रङ्गनाथ नगर, कटनी में साकार होने जा रहा है, जहाँ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का अत्यंत भव्य, दिव्य एवं भक्तिमय आयोजन किया जा रहा है। यह सात दिवसीय कथा महोत्सव 31 जनवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक श्री रङ्गनाथ हनुमान मंदिर, साउथ स्टेशन के पास आयोजित होगा।
इस दिव्य ज्ञानयज्ञ का प्रधान आकर्षण होंगे — कथा वाचक पं. श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज श्री वृन्दावन धाम। महाराज श्री की ओजस्वी, सरस एवं हृदयस्पर्शी वाणी के माध्यम से श्रीमद् भागवत महापुराण की वह अमृतधारा प्रवाहित होगी, जो श्रोताओं के हृदय को भक्ति से सराबोर कर देगी। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर रासलीला, गोवर्धन धारण, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र एवं गीता के दिव्य संदेशों तक—कथा का प्रत्येक प्रसंग श्रद्धालुओं को आत्मिक आनंद और वैराग्य की अनुभूति कराएगा। कथा स्थल पर प्रतिदिन वेदमंत्रों की गूंज, हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन, आरती एवं पुष्पवर्षा के साथ ऐसा दिव्य वातावरण निर्मित होगा, मानो स्वयं वृन्दावन की रज कटनी में उतर आई हो। यह आयोजन न केवल कथा श्रवण का, बल्कि मन, वाणी और कर्म की शुद्धि कर जीवन को धर्ममय बनाने का अनुपम अवसर होगा। इस पुण्य आयोजन के आयोजक श्री रङ्गनाथ सेवा समिति, रङ्गनाथ नगर, कटनी द्वारा समस्त श्रद्धालुजनों से सपरिवार पधारकर इस भागवत ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनने का सादर आमंत्रण दिया गया है। समिति का मानना है कि भागवत कथा से समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कारों की पुनः स्थापना होती है। निश्चय ही पं. श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित यह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ कटनी की धरती को भक्ति, श्रद्धा और कृष्ण-प्रेम से आलोकित करेगा तथा श्रद्धालुओं के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का नवसंचार करेगा।
हरि बोल… श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी!