आधी रात से पहले खुला गोलीकांड का राज, होटल में कमरा देने से इनकार पर भड़का आरोपी, कट्टा निकालकर किया फायर कुठला पुलिस ने चंद घंटों में चार आरोपियों को दबोचा होटल के भीतर मामूली-सी दिखने वाली बात ने ले लिया खूनी मोड़, जानलेवा हमले के बाद फरार हुए चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में,वारदात में प्रयुक्त कट्टा और दो मोटरसाइकिलें जब्त

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आधी रात से पहले खुला गोलीकांड का राज, होटल में कमरा देने से इनकार पर भड़का आरोपी, कट्टा निकालकर किया फायर कुठला पुलिस ने चंद घंटों में चार आरोपियों को दबोचा
होटल के भीतर मामूली-सी दिखने वाली बात ने ले लिया खूनी मोड़, जानलेवा हमले के बाद फरार हुए चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में,वारदात में प्रयुक्त कट्टा और दो मोटरसाइकिलें जब्त
कटनी।। रात के करीब नौ बजे थे। इन्द्रानगर स्थित शाल्या होटल का कार्यालय रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यस्त था। होटल संचालक प्रेमशंकर राय अपने काम में लगे थे। तभी होटल में चार युवक पहुंचे। उनका मकसद कमरा बुक कराना था, लेकिन कुछ ही देर में यह मुलाकात एक गंभीर आपराधिक वारदात में बदल गई।
कमरा देने से इनकार हुआ। बातचीत ने कथित तौर पर विवाद का रूप लिया। गाली-गलौज शुरू हुई और फिर आरोप है कि सुनील यादव ने कट्टा निकाल लिया। अगले ही पल गोली चली। निशाना प्रेमशंकर राय थे, लेकिन उन्होंने झुककर अपनी जान बचा ली। गोली उनके बगल से निकल गई।
गोली चलने के बाद भी घटनाक्रम थमा नहीं। आरोप है कि चारों युवकों ने होटल संचालक के साथ झूमाझटकी और मारपीट की, फिर मौके से फरार हो गए। होटल के कार्यालय में हुई इस वारदात ने कई सवाल खड़े कर दिए थे,हमलावर कौन थे, कहां भागे थे और वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार कहां छिपाया गया था?
लेकिन इस कहानी का अगला अध्याय पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ शुरू हुआ।

कमरा बुक कराने पहुंचे चार युवक, विवाद ने लिया खतरनाक मोड़
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, प्रेमशंकर राय पिता धनीराम राय, उम्र 56 वर्ष, निवासी जयप्रकाश वार्ड, नई बस्ती, कटनी ने 21 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह इन्द्रानगर स्थित शाल्या होटल के कार्यालय में बैठे थे। रात करीब नौ बजे सुनील यादव अपने तीन साथियों के साथ होटल पहुंचा और कमरा बुक कराने की बात कही।
कमरा देने से मना किए जाने पर विवाद बढ़ गया। शिकायत के मुताबिक, सुनील यादव ने गाली-गलौज करते हुए कट्टा निकाला और जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। प्रेमशंकर राय के झुक जाने से गोली उन्हें नहीं लगी। इसके बाद चारों आरोपियों ने उनके साथ झूमाझटकी और मारपीट की तथा घटनास्थल से भाग निकले। यह केवल विवाद के बाद हुई मारपीट का मामला नहीं था। शिकायत में गोली चलाकर जान लेने की कोशिश किए जाने का गंभीर आरोप था। पुलिस ने इसी आधार पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

घटनास्थल से फरार आरोपी, पुलिस के सामने चुनौती
वारदात के बाद सबसे अहम चुनौती थी,चारों आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचना। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और उप पुलिस अधीक्षक अनिमेष द्विवेदी के मार्गदर्शन में कार्रवाई शुरू की गई। कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया ने तत्काल पुलिस टीमें गठित कीं। आरोपियों की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। इस जांच में सीसीटीवी फुटेज भी महत्वपूर्ण कड़ी बना।
अब पुलिस के सामने केवल आरोपियों की पहचान का सवाल नहीं था, बल्कि यह पता लगाना भी जरूरी था कि वारदात के बाद वे किस दिशा में निकले और किन संभावित ठिकानों पर पहुंच सकते हैं।

सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर और संभावित ठिकानों पर दबिश
पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों को जोड़ते हुए आरोपियों की तलाश तेज की। मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संभावित ठिकानों की पड़ताल की गई। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम को अमानगंज, जिला पन्ना तथा आसपास के संभावित स्थानों पर भेजा गया।
एक ओर घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जांच की दिशा तय कर रहे थे, तो दूसरी ओर संभावित ठिकानों पर तलाश जारी थी। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य चारों आरोपियों को पकड़ने के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल हथियार और भागने में प्रयुक्त वाहनों तक पहुंचना भी था। पुलिस के मुताबिक, इस समन्वित कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि घटना के चंद घंटों के भीतर चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया।

चार नाम, एक वारदात और पुलिस की गिरफ्त
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है

सुनील यादव, पिता प्रताप सिंह यादव, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम डोभा, थाना कोतवाली पन्ना,हाल निवासी इन्द्रानगर, गली नंबर 9

पवन यादव, पिता प्रहलाद यादव, उम्र 18 वर्ष 1 माह, निवासी ग्राम गनियारी, थाना सेमरिया, जिला पन्ना।

जयपाल उर्फ मुन्ना यादव, पिता गिरधर यादव, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम डोभा, थाना कोतवाली, जिला पन्ना।

ब्रजेश यादव, पिता प्रताप सिंह यादव, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम डोभा, थाना कोतवाली, जिला पन्ना।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी बताए गए सुनील यादव से घटना में प्रयुक्त कट्टा जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त वारदात के बाद भागने में इस्तेमाल की गई पल्सर और अपाचे मोटरसाइकिलें भी विधिवत जब्त की गईं।,हथियार और दोनों वाहनों की जब्ती इस विवेचना की महत्वपूर्ण कड़ी है। इनसे संबंधित परिस्थितियों, अन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की आगे की जांच की जाएगी।

मामला दर्ज, न्यायालय में पेशी और जेल भेजे गए आरोपी

कुठला पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 930/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 109(2), 331(6), 296(b) और 3(5) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में गिरफ्तारी और आरोपों का निर्धारण न्यायिक दोषसिद्धि के समान नहीं होता। प्रकरण में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

पर्दे के पीछे पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया, उप निरीक्षक विनोद सिंह, सहायक उप निरीक्षक श्याम सिंह, प्रधान आरक्षक अजीत मिश्रा, रामेश्वर सिंह, अजय यादव, आलोक तिवारी, ताहिर खान तथा आरक्षक पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, विजय प्रजापति, विजय राणा, बुद्धू कुमार, मनोज सिंह, शिशिर पाण्डेय और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय बताई गई है।

एक गोली, कई सवाल और जांच की अगली कड़ी
शाल्या होटल में चली गोली ने कुछ पलों के लिए एक सामान्य रात को गंभीर आपराधिक घटना में बदल दिया। होटल संचालक का झुक जाना उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। इसके बाद फरार आरोपियों की तलाश, सीसीटीवी फुटेज की जांच, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और संभावित ठिकानों पर दबिश ने पुलिस को गिरफ्तारी तक पहुंचाया। अब इस प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों का परीक्षण है। गोली चलाने के पीछे की परिस्थितियां, विवाद की पूरी पृष्ठभूमि और प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायालय में होगा। कुठला पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस मामले में फरार आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता जरूर खोल दिया, लेकिन वारदात से जुड़े हर सवाल का अंतिम जवाब अब साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आएगा।

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