स्वामित्व योजना नहीं, लंबित सेवा मामलों ने बढ़ाई पटवारियों की नाराजगी
वेतन कटौती से लेकर सेवा पुस्तिका और TA-DA भुगतान तक के मुद्दे, गोहपारू में ज्ञापन नहीं लेने का आरोप; तहसीलदार को हटाने और निलंबित पटवारियों की वापसी की मांग
(अखण्ड प्रताप सिंह की रिपोर्ट )
शहडोल। शहडोल में पटवारियों की हड़ताल का प्रभाव अब जिला के ग्रामीण स्तर पर दिखने लगा है शासन स्तर से 10 अक्टूबर धान विक्रय के पंजीयन की अंतिम तिथि निर्धारित है जिसको मात्र 3 दिवस ही शेष है और अभी भी पटवारियों की मांगो पर अमल नहीं किया गया जिला में पटवारियों की नाराजगी के पीछे कई स्थानीय और लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मुद्दे बताए जा रहे हैं अलग-अलग तहसीलों में वेतन कटौती, सेवा पुस्तिका तैयार नहीं होने और टीए-डीए सहित अन्य देयकों का भुगतान नहीं होने के आरोप पटवारियों ने अधिकारियों पर लगाया है।
पटवारियों का कहना है कि कई वर्षों से उनकी सेवा पुस्तिका तैयार नहीं की गई है। इसके अलावा एरिया और टीए-डीए का भुगतान भी लंबित है। इन समस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों के सामने बात रखी गई, लेकिन समाधान नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई। पटवारियों का यह भी आरोप है कि अपनी मांगों को उठाने वाले कर्मचारियों को नोटिस और निलंबन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
गोहपारू में ज्ञापन नहीं लेने से बढ़ा विवाद
गोहपारू तहसील में मामला उस समय और गरमा गया, जब पटवारियों का आरोप है कि तहसीलदार ने उनका ज्ञापन तक स्वीकार नहीं किया। इसके बाद पटवारियों ने पूर्णतः कलमबंद हड़ताल करने का निर्णय लिया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने तहसीलदार दिव्या सिंह को हटाने की मांग भी रखी है।
निलंबित पटवारियों की वापसी की मांग
पटवारियों की ओर से निलंबित किए गए कर्मचारियों की वापसी की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। वहीं नवनियुक्त पटवारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस दिए जाने का मामला भी संगठन के बीच नाराजगी का कारण बना हुआ है। पटवारियों का कहना है कि पहले से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का निराकरण करने के बजाय यदि कर्मचारियों पर कार्रवाई होती है तो इससे समस्या और गंभीर होगी
अब पटवारियों की मांग है कि वेतन कटौती, सेवा पुस्तिका, लंबित भुगतान और विभागीय कार्रवाई से जुड़े मामलों का निराकरण किया जाए साथ ही निलंबित पटवारियों की वापसी और नवनियुक्त पटवारियों को जारी सेवा समाप्ति के नोटिस पर भी पुनर्विचार किया जाए
हड़ताल के चलते राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन रही है ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन पटवारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत कब शुरू होती है….